
रायपुर, 20 मई 2026/छत्तीसगढ़ की मिट्टी और बस्तर की संवेदनाओं से जुड़ी फिल्म ‘आरजे बस्तर’ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी पहचान बनाई है। 79वें कान्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की गई, जहां दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इसका स्वागत किया। फिल्म की भावुक कहानी, आदिवासी जीवन के वास्तविक चित्रण और प्रेरणादायक संदेश ने विदेशी दर्शकों को भी प्रभावित किया।
फिल्म का निर्देशन मनीष माणिकपुरी ने किया है, जबकि इसे पीकेएस प्रोडक्शन के बैनर तले पवन कुमार सिंह ने प्रोड्यूस किया है। ‘आरजे बस्तर’ एक आदिवासी युवती की संघर्षभरी कहानी है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेडियो जॉकी बनने का सपना देखती है। फिल्म में उसके संघर्ष, आत्मविश्वास और सपनों को पूरा करने की जिद को बेहद सरल लेकिन असरदार अंदाज में दिखाया गया है।
कान्स फिल्म फेस्टिवल में मौजूद सिनेमा प्रेमियों और समीक्षकों ने फिल्म की जमकर सराहना की। खासतौर पर बस्तर के गांवों, आदिवासी संस्कृति और वहां के सामाजिक परिवेश को जिस सच्चाई के साथ पर्दे पर उतारा गया, उसने दर्शकों को भावुक कर दिया। कई लोगों ने इसे भारत के दूरदराज इलाकों की अनसुनी कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण फिल्म बताया।
फिल्म में ‘पंचायत’ वेब सीरीज से लोकप्रिय हुए चंदन रॉय मुख्य भूमिका में नजर आए हैं। उनके अभिनय को भी काफी सराहना मिली। इसके अलावा चित्राशी रावत, नेहा साहू, हर्ष राजपूत, संजय महानंद, सुनील तिवारी, पुष्पेंद्र सिंह, पवन कुमार गुप्ता, संगीता निषाद, आरती नागरे, अनुनेय शर्मा और आशीष झा ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म के गीतों को शान, कृष्णा बेओरा और अनुराग शर्मा ने अपनी आवाज दी है।
कान्स में मिली सराहना के बाद अब फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि रिलीज के बाद ‘आरजे बस्तर’ गांव, आदिवासी समाज और युवाओं के सपनों की आवाज बनकर लोगों से गहरा जुड़ाव बनाएगी।



