नक्सलियों के गढ़ नेतानार में खुला जनसेवा केंद्र, अमित शाह बोले- 31 मार्च 2026 के बाद बस्तर में आजादी का सूर्योदय हुआ

जगदलपुर, 19 मई 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अमित शाह ने कहा कि शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि और कर्मभूमि नेतानार गांव देशवासियों के लिए तीर्थ समान है। उन्होंने कहा कि जिस जगह कभी नक्सलियों ने छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, वहीं आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र बन रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद खत्म करने का मकसद सिर्फ हथियारबंद नक्सलियों का सफाया करना नहीं, बल्कि आदिवासियों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं पहुंचाना भी है। उन्होंने बताया कि “नियद नेल्लानार” योजना के तहत गांवों में राशन दुकानें, स्कूल, पीएससी और सीएससी केंद्र खोले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब बस्तर के गांवों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, मुफ्त इलाज और हर घर तक पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi की योजना के तहत 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज का लाभ भी अब आदिवासियों तक पहुंच चुका है।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने वर्षों तक विकास रोककर आदिवासियों को मुख्यधारा से दूर रखा। अब सरकार अगले डेढ़ साल में बस्तर के 70 सुरक्षा कैंपों को जनसेवा केंद्रों में बदलेगी, जहां बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और कॉमन सर्विस सेंटर की 371 सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि देश को आजादी 1947 में मिली थी, लेकिन बस्तर में “31 मार्च 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है।” शाह ने कहा कि नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई अगले पांच वर्षों में की जाएगी और आदिवासी क्षेत्रों को विकास के नए मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा।



