
रायपुर, 27 अप्रैल 2026/मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाई जाए। राज्य में जलवायु परिवर्तन कार्यक्रमों के लिए सीएसआर मद की उपलब्ध राशि का उपयोग करने का प्रस्ताव किया जाए। छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु परिवर्तन कार्य योजना के लिए गठित स्टियरिंग समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र, राज्य की जलवायु परिवर्तन कार्य योजना, राज्य में जलवायु परिवर्तन विषयक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा राज्य जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन और कार्बन क्रेडिट आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। विभागीय सचिवों से जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने जलवायु परिवर्तन की पृष्ठभूमि, इसके कारक और छत्तीसगढ़ पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। बैठक में पीसीसीएफ श्रीनिवास राव और एपीसीसीएफ सुनील मिश्रा शामिल हुए।
वृक्ष-आवरण में देश में प्रथम स्थान पर रहा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जलवायु परिवर्तन से संबंधित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें मुख्यतः वृक्षारोपण शामिल है।
एक पेड़ माँ के नाम योजना के तहत करीब 7 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत 3 करोड़ 68 लाख वृक्षारोपण किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि ISFR 2025 के अनुसार राज्य के वन एवं वृक्ष-आवरण में सर्वाधिक वृद्धि 683 वर्ग किलोमीटर दर्ज की गई है, जो देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य में ई-वाहन को बढ़ावा देने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा किसानों को सोलर पंप वितरित किए जा रहे हैं।
राज्य में जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में लगभग 55 हजार 50 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की गई। 300 से अधिक बांधों की हाइड्रोलॉजिकल प्लानिंग तथा 24 वृहद एवं मध्यम जलाशयों का सेडिमेंटेशन सर्वे पूरा किया जा चुका है।
जलवायु परिवर्तन ज्ञान केन्द्र की स्थापना पर भी अधिकारियों ने विचार प्रस्तुत किए।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, परिवहन, वाणिज्य एवं उद्योग, खनिज, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की जानकारी प्रस्तुत की।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खनिज संसाधन एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, नगरीय प्रशासन विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजु एस., वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव इफ्फत आरा, राज्य योजना आयोग, नाबार्ड, सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, कृषि मौसम विज्ञान विभाग एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



