31 मई तक नालों की सफाई पूरी करें, वरना होगी कार्रवाई: अरुण साव; बारिश से पहले जलभराव रोकने के सख्त निर्देश

रायपुर, 24 अप्रैल 2026/ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले नगरीय निकायों में नाले व नालियों की सफाई तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से परिपत्र जारी कर सभी निकायों को जलभराव रोकने, आपदा प्रबंधन तथा संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने विगत 20-21 अप्रैल को नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा के दौरान आगामी 31 मई तक ड्रेनेज सफाई पूर्ण करने और जलभराव रोकने के उपाय करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम भौतिक निरीक्षण करेगी। कार्य संतोषजनक नहीं मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने जारी परिपत्र में कहा है कि वर्षा ऋतु में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने तथा रास्तों में अवरोध बने रहने से आकस्मिक वर्षा में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। इससे बचाव के लिए समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के तहत शहरों के मुख्य मार्ग, गलियों और चौराहों की सफाई, सभी नालियों की गहराई से सफाई, तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जलस्रोत प्रदूषित न हों। साथ ही निर्माण सामग्री हटाने और कच्चे-पक्के अतिक्रमण समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पानी का बहाव बाधित न हो।
विभाग ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, आवश्यक अमला, टूल व मशीनरी उपलब्ध कराने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। ये कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और इनके दूरभाष नंबरों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
साथ ही निचली बस्तियों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन, प्रभावितों के लिए सुरक्षित स्थानों की पहचान, तथा बाढ़ के दौरान स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने यह भी कहा है कि बाढ़ के दौरान और बाद में संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है, इसलिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और त्वरित सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा वर्षा ऋतु के पहले पेड़ों पर लगे साइन-बोर्ड, विज्ञापन, बिजली वायर, हाईटेंशन लाइन और अन्य सामग्री हटाने के निर्देश भी सभी निकायों को दिए गए हैं।



