नेपाल के ‘100 रुपये नियम’ पर भारत का जवाब: निजी सामान ले जाने वालों को राहत, बिहार बॉर्डर पर नहीं होगी परेशानी

नई दिल्ली। भारत-नेपाल सीमा पर लागू हुए नए नियम को लेकर जारी विवाद के बीच भारत सरकार का आधिकारिक रुख सामने आ गया है। नेपाल सरकार द्वारा 100 नेपाली रुपये से अधिक के सामान पर कस्टम ड्यूटी लगाने के फैसले से सीमावर्ती लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं, लेकिन अब भारत ने साफ किया है कि आम लोगों को राहत मिलेगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को इस नियम के लागू होने की जानकारी है। उन्होंने बताया कि नेपाल ने यह कदम मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है। हालांकि, नेपाली अधिकारियों की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि निजी इस्तेमाल के लिए सामान ले जाने वाले आम नागरिकों को रोका नहीं जाएगा।
दरअसल, भारत-नेपाल सीमा पर वर्षों से लोगों की आवाजाही आसान रही है। खासकर नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के लोग बिहार के बाजारों में रोजमर्रा का सामान, दवाएं और अन्य जरूरत की चीजें खरीदने आते रहे हैं। नए नियम के बाद इन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
भारत के इस बयान के बाद अब स्थिति कुछ हद तक साफ हो गई है। माना जा रहा है कि निजी उपयोग के लिए सामान ले जाने वाले लोगों को बिहार बॉर्डर पर किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
वहीं, नेपाल में इस फैसले को लेकर विरोध भी तेज हो गया है। स्थानीय लोग और व्यापारी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस नियम से सीमा पार व्यापार प्रभावित हो रहा है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।



