नक्सल क्षेत्र में विकास की दस्तक: सालातोंग में हर घर पहुंचा नल जल, खत्म हुआ सालों पुराना जल संकट

रायपुर, 02 अप्रैल 2026/नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के दूरस्थ ग्राम सालातोंग में अब विकास की नई धारा बहने लगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन ने इस गांव की तस्वीर बदल दी है। कभी पानी की बूंद-बूंद के लिए जूझने वाला यह गांव अब हर घर नल जल से जुड़ चुका है।
कोंटा ब्लॉक का यह गांव, जो जिला मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर स्थित है, लंबे समय तक नक्सल समस्या और पेयजल संकट से प्रभावित रहा। गांव के करीब 80 परिवार एक छोटे नाले पर निर्भर थे, जहां गर्मियों में पानी की भारी किल्लत हो जाती थी। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
अब जल जीवन मिशन के तहत गांव में 100 नल कनेक्शन देने का लक्ष्य लेकर तेजी से काम किया गया और घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया। इससे न सिर्फ जल संकट खत्म हुआ, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। जलजनित बीमारियों में कमी आई है और जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
इस योजना के तहत जल संरक्षण और गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सोलर आधारित सिस्टम और हैंडपंप के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, वहीं “जल बहिनियाँ”—आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्थानीय महिलाएं—जल गुणवत्ता की नियमित जांच कर रही हैं। इन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। घर में नल से पानी मिलने से उनका जीवन आसान और सुरक्षित हो गया है।
यह पहल साबित करती है कि जब योजनाएं ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास की रोशनी पहुंच सकती है।



