नवरात्रि में भूमिहीन मजदूरों को बड़ी सौगात: 4.95 लाख खातों में ₹495 करोड़ ट्रांसफर, सरकार बोली—सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

रायपुर, 26 मार्च 2026।किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब छत्तीसगढ़ में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए भी नवरात्रि समृद्धि का संदेश लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम के सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत हर वर्ष भूमिहीन मजदूरों को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे वे परिवार की जरूरतें, बच्चों की पढ़ाई और छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार तेजी और पारदर्शिता के साथ अपने वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस साल खुशी के साथ होली मनाई, वहीं महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को स्थायित्व और सुरक्षा मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना, रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनाओं के जरिए सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बिजली बिल समाधान योजना का जिक्र करते हुए बताया कि कोरोना काल के लंबित बिलों के निपटान के लिए विशेष छूट और आसान किस्तों की सुविधा दी जा रही है, जो जून तक जारी रहेगी।



कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। अब योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में भरोसा बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब नक्सलवाद से निकलकर शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में विकास की नई धारा बह रही है।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।



