विधानसभा में 10,617 करोड़ की अनुदान मांगें पास : CM विष्णु देव साय बोले– छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित सरकार

रायपुर, 17 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभागों से संबंधित 10 हजार 617 करोड़ 73 लाख 49 हजार रूपए की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित की गई। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 612 करोड़ 29 लाख 20 हजार रूपए, सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित अन्य व्यय 30 करोड़ 92 लाख रूपए, जल संसाधन विभाग के लिए 3 हजार 105 करोड़ 11 लाख 80 हजार रूपए, खनिज साधन विभाग से संबंधित व्यय 1145 करोड़ 89 लाख 99 हजार रूपए, विमानन विभाग से संबंधित व्यय 314 करोड़ 99 लाख 90 हजार रूपए, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग 416 करोड़ 99 लाख 99 हजार रूपए, सुशासन एवं अभिसरण विभाग से संबंधित व्यय 77 करोड़ रूपए, जनसम्पर्क विभाग से संबंधित व्यय 469 करोड़ 99 लाख रूपए, ऊर्जा विभाग से संबंधित व्यय 4236 करोड़ 01 लाख 61 हजार रूपए, जिला परियोजनाओं से संबंधित व्यय 208 करोड़ 50 लाख रूपए शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार संकल्पित भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटी है और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को साकार करने में बजट प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि पहले दो बजटों की थीम ‘ज्ञान’ और ‘गति’ थी, जबकि इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और डिजिटल गवर्नेंस की नीति अपनाकर व्यवस्थागत लिकेज समाप्त किए हैं, जिसके कारण आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा अब सीधे जनकल्याण में खर्च हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में आबकारी विभाग का राजस्व 5 हजार 110 करोड़ रुपए था, जो वर्तमान सरकार में बढ़कर 11 हजार करोड़ रुपए अनुमानित है। यह अंतर फर्जीवाड़े पर रोक लगने के कारण आया है।
मुख्यमंत्री साय ने नक्सलवाद के विरुद्ध चल रहे अभियान को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने माओवादी आतंकवाद के अंत का लक्ष्य तय कर उसी दिशा में प्रभावी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास जताया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए उत्सव का क्षण बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन, जवानों की वीरता और प्रदेशवासियों के विश्वास से राज्य माओवादी हिंसा के अंधकार से बाहर निकल रहा है। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को मजबूत कर शांति, पुनर्निर्माण और समग्र विकास के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।



