बस्तर के आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति विधानसभा में गूंजी: 2209 केंद्र बिना भवन, 962 जर्जर; सरकार ने जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का किया वादा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन प्रश्नकाल के दौरान बस्तर संभाग में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर सदन में चर्चा हुई। लखेश्वर बघेल ने भवनविहीन और जर्जर भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
विधायक लखेश्वर बघेल ने प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि बस्तर संभाग के जिलों में कुल कितने आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इनमें से कितने केंद्र भवनयुक्त हैं, कितने भवनविहीन हैं, कितने जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं तथा कितने केंद्रों में पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।
इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बस्तर संभाग में वर्तमान में कुल 9876 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं और यहां एक भी मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं है।
मंत्री के अनुसार,
- 7667 आंगनबाड़ी केंद्र भवनयुक्त हैं
- 2209 केंद्र भवनविहीन हैं
- 962 केंद्र जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं
उन्होंने आगे बताया कि संभाग के 6431 आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 5632 केंद्रों में शौचालय की व्यवस्था है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि भवनविहीन और जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की समस्या को दूर करने के लिए जल्द ही आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी, ताकि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।



