धरसींवा की समस्याएं गूंजी विधानसभा में: विधायक अनुज शर्मा ने शिक्षकों की कमी, सेरीखेड़ी जलाशय प्रदूषण और कृषि पंप कनेक्शन का मुद्दा उठाया

रायपुर, 10 मार्च 2026।विधानसभा के बजट सत्र के दौरान धरसींवा विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याएं जोरदार तरीके से सदन में उठीं। विधायक अनुज शर्मा ने किसानों, शिक्षा व्यवस्था और पर्यावरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया और मुख्यमंत्री व संबंधित मंत्रियों से जवाब मांगा।
सबसे पहले विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कृषि पंप कनेक्शन को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने जानकारी चाही कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 फरवरी 2026 तक धरसींवा क्षेत्र में कृषि पंप के स्थायी और अस्थायी कनेक्शन के लिए कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितनों को कनेक्शन दिए गए और कितने लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में बताया कि इस अवधि तक कृषि पंप के लिए कुल 294 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 54 स्थायी और 240 अस्थायी कनेक्शन के आवेदन शामिल हैं। इनमें से 18 स्थायी और सभी 240 अस्थायी, कुल 258 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जबकि 36 स्थायी कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में क्षेत्र के लिए 158 कृषि पंप ऊर्जीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 106 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 52 कार्य प्रगति पर हैं।
इसके बाद विधायक ने सेरीखेड़ी जलाशय में कथित प्रदूषण और अवैध निर्माण का मुद्दा उठाते हुए वन मंत्री केदार कश्यप से पूछा कि क्या आरसीसी रेडी मिक्स प्लांटों द्वारा प्रदूषण और अवैध गतिविधियों की शिकायतें विभाग को मिली हैं और इस पर क्या कार्रवाई की गई है।
वन मंत्री ने जवाब में बताया कि राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को सीधे शिकायत नहीं मिली है, लेकिन छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि Wetlands (Conservation and Management) Rules, 2017 के प्रावधान राज्य में लागू हैं। इसरो द्वारा चिन्हित 2.25 हेक्टेयर से बड़े सभी वेटलैंड्स पर ये नियम लागू होते हैं। नियमों के तहत आर्द्रभूमि में अतिक्रमण, उद्योग स्थापना, निर्माण अपशिष्ट का निपटान, ठोस कचरे का पाटन, अशोधित अपशिष्ट का निस्सारण और 50 मीटर की परिधि में स्थायी निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। राज्य में ऐसे 11,264 वेटलैंड्स चिन्हित किए गए हैं।
विधायक ने तीसरे प्रश्न में पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग को भूमि आबंटन का मुद्दा उठाते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से जानकारी मांगी। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में किसी भी पिछड़ा या अल्पसंख्यक वर्ग को भूमि आबंटित नहीं की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में कुछ संस्थाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक प्रयोजनों के लिए भूमि आबंटन की स्वीकृति दी गई है। इनमें अंबिकापुर की विश्वकर्मा सेवा समिति, तिल्दा का मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज, डोंगरगढ़ का दिगंबर जैन चंद्रगिरी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और जगदलपुर का दिगंबर जैन समाज शामिल हैं।
विधायक ने चौथे प्रश्न में धरसींवा क्षेत्र के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया और इन पदों को शीघ्र भरने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
सदन में इन मुद्दों को उठाते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के विकास, किसानों की सुविधा, शिक्षा की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों का समाधान जल्द होना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग भी की।
सदन में उठाए गए इन सवालों से यह संदेश गया कि विधायक अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर गंभीर हैं और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।



