
रायपुर | 02 फ़रवरी 2026
तेलीबांधा तालाब किनारे पार्किंग शुल्क को लेकर उठे विवाद के बाद रायपुर नगर निगम ने फिलहाल कदम पीछे खींच लिए हैं। लोक निर्माण विभाग की सड़क पर पार्किंग शुल्क के बोर्ड लगने से लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। इस पर सफाई देते हुए महापौर मीनल चौबे ने कहा कि अभी पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
महापौर ने माना कि सड़क पर खड़ी गाड़ियों से पार्किंग शुल्क वसूलना व्यावहारिक नहीं है। निगम के पास तालाब के आसपास कोई तय पार्किंग स्थल नहीं है। ऐसे में अगले 15 दिनों तक तालाब किनारे आने-जाने वालों की स्थिति की मॉनिटरिंग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि तालाब की दूसरी ओर मौजूद बड़े कॉमर्शियल संस्थानों में आने वाले लोग वाहन तालाब की तरफ खड़े कर देते हैं, जिससे अव्यवस्था होती है। इस पर नियंत्रण यातायात पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए निगम यातायात समिति और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर समाधान निकालने पर विचार करेगा।
पहले भी हो चुका है विरोध
महापौर ने बताया कि 2021-22 में भी तेलीबांधा तालाब किनारे पार्किंग व्यवस्था को लेकर टेंडर निकाला गया था, लेकिन विसंगतियों के चलते भाजपा संगठन और पार्षद दल ने विरोध किया था। मौजूदा फैसला 2017-18 के संकल्प के आधार पर लिया गया था।
यातायात समिति से राय नहीं लेने का आरोप
पूर्व सभापति प्रमोद दुबे सहित कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्किंग शुल्क तय करने से पहले यातायात समिति से राय नहीं ली गई। बोर्ड लगाकर सीधे दरें तय करना गलत प्रक्रिया है।
कांग्रेस का प्रदर्शन, निजीकरण का आरोप
तेलीबांधा मरीन ड्राइव के कथित व्यवसायीकरण के विरोध में कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस का कहना है कि जीई रोड सार्वजनिक मार्ग है और यहां पार्किंग ठेका देना नियमों के खिलाफ है। नेताओं ने चेतावनी दी कि फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।



