गरियाबंद में नक्सल उन्मूलन को बड़ी कामयाबी : 5-5 लाख के इनामी दो नक्सलियों ने किया सरेंडर

गरियाबंद, 13 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद जिले में दो सक्रिय नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वालों में SDK एरिया कमेटी का सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ये दोनों बस्तर जिले के निवासी हैं और वर्ष 2010 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे। इस दौरान वे 10 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं, जिनमें सुरक्षा बलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ जैसी वारदातें शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दोनों नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण के बाद प्रशासन की ओर से पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि वे समाज में नया जीवन शुरू कर सकें।
संतोष उर्फ लालपवन का नक्सली इतिहास
संतोष वर्ष 2010 से 2021 तक विभिन्न नक्सली एरिया कमेटियों में सक्रिय रहा। वह गरियाबंद, धमतरी और बस्तर क्षेत्रों में कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा और लंबे समय तक सशस्त्र दस्ता व कमेटी सदस्य के रूप में काम करता रहा।
मंजू उर्फ नंदे का नक्सली इतिहास
मंजू वर्ष 2002 से नक्सली संगठन से जुड़ी थी। वह पीएलजीए सदस्य के साथ-साथ एरिया कमेटी और संगठनात्मक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय रही। गरियाबंद-उदंती-सीतानदी क्षेत्र में कई हिंसक घटनाओं में उसकी संलिप्तता रही है।
प्रशासन का कहना है कि लगातार मिल रही ऐसी सफलताएं नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मजबूती दे रही हैं और आने वाले समय में और भी नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने की उम्मीद है।



