हाईकोर्ट सख्त: रसूखदार तोड़ रहे ट्रैफिक नियमकहा— सड़कों पर स्टंट और बर्थडे सेलिब्रेशन जारी; मुख्य सचिव से 4 दिसंबर तक मांगा शपथपत्र

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हाईवे और शहर की सड़कों पर बढ़ती स्टंटबाजी, गुंडागर्दी और बर्थडे सेलिब्रेशन को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की—
“अमीर और प्रभावशाली लोग ट्रैफिक नियमों को खुलेआम तोड़ रहे हैं। सरकार की गाइडलाइंस सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।”
कोर्ट ने मुख्य सचिव से शपथपत्र में विस्तृत जवाब मांगा है और साफ कहा कि अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट स्वयं आवश्यक निर्देश जारी करेगा। अब मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।
बिलासपुर: रिवर व्यू रोड पर युवक का स्टंट वायरल
कुछ दिन पहले बिलासपुर में रिवर व्यू रोड पर एक युवक कार की बोनट पर बैठकर स्टंट करता दिखा। वायरल रील में युवक यह कहते सुना गया कि “इलाके में उसकी दबंगई है, कोई उसे छू नहीं सकता।”
वीडियो फैलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश कर उसके खिलाफ केस दर्ज किया और वाहन जब्त किया।
डिप्टी एडवोकेट जनरल शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया गया है।
कोरिया: BMO ने हाईवे पर मनाया बर्थडे, आतिशबाजी से बाधा
दूसरा मामला कोरिया जिले के बैकुंठपुर का है, जहाँ सोनहत के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनित बखला ने नेशनल हाईवे-43 पर कार की बोनट पर केक रखकर बर्थडे सेलिब्रेशन किया। वहां आतिशबाजी भी हुई, जिससे राहगीरों को परेशानी हुई।
कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी होते हुए भी नियमों की अनदेखी की गई, जो बेहद गंभीर है।
डिप्टी एजी ने बताया कि बीएमओ सहित अन्य लोगों पर BNS की धारा 285, 288, 3(5) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 122 व 177 के तहत एफआईआर दर्ज है।
हालांकि, BMO के बाहर होने से वाहन जब्त नहीं हुआ—लेकिन पुलिस ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि गाड़ी जल्द जब्त की जाएगी।
हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: “गाइडलाइंस जमीन पर लागू नहीं”
कोर्ट ने कहा कि मामलों से साफ है कि राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस का जमीनी अमल नहीं हो रहा।
मोटी रकम, प्रभाव और रसूख की वजह से कुछ लोग नियमों को मज़ाक समझ रहे हैं।
मुख्य सचिव से अब यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि
- नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
- जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई?
- हाईवे और शहरी सड़कों पर स्टंट रोकने क्या ठोस कदम उठाए गए?
अब 4 दिसंबर की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी—क्योंकि कोर्ट ने साफ संकेत दे दिए हैं कि कठोर दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।


