बिहान भर्ती में धांधली का आरोप: बढ़ती अनियमितताओं पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

रायपुर, 20 नवंबर 2025/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) में भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। भर्ती में धांधली, भ्रष्टाचार और पक्षपात को लेकर कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार उच्च पदों—राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (अजीविका), राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (अनुश्रवण एवं मूल्यांकन) और सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (फार्म अजीविका)—के लिए पात्र अभ्यर्थियों की संख्या क्रमशः 6, 7 और 16 ही पाई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण और वरिष्ठ पदों पर इतने कम योग्य दावेदार मिलना अपने आप में सवाल खड़ा करता है।
ऐसे बढ़ी शंका— ये मुद्दे बने विवाद का कारण
- आवेदन भरने की अंतिम तिथि को बार-बार बढ़ाना
- पात्रता और दावा–आपत्ति सूची दो-दो बार जारी करना
- वरिष्ठ पदों पर 10 से अधिक आवेदकों का भी पात्र सूची में स्थान न मिलना
- बिना क्षेत्रीय अनुभव वाले उम्मीदवारों को पात्र घोषित करना
- समकक्ष डिग्री पर स्पष्ट टिप्पणी न देना
- राजीव श्रीवास को पहले पात्र और बाद में अपात्र घोषित करने जैसी गड़बड़ी
- पूरे राज्य में सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (वित्तीय प्रबंधन) के लिए केवल एक ही अभ्यर्थी (विनय कुमार मांडवी) का मिलना
इन घटनाओं के बाद चयन समिति की नीयत पर पहले से उठ रहे सवाल और गहरे हो गए हैं। आरोप है कि कार्यालय के भीतर मौजूद लोगों को ही नौकरी देने को लेकर नियमों को जटिल बनाया गया है, जिसके चलते 16 लाख बेरोजगार युवाओं वाले राज्य में इतने कम लोग ही पात्र पाए गए।
पारदर्शिता पर सवाल, चुप्पी से बढ़ा संदेह
विभाग की ओर से अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इस पूरे विवाद पर स्पष्ट बयान नहीं दिया है। प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह (IAS) और सचिव भीम सिंह (IAS) तक मामला पहुंचने के बाद भी अब तक न कोई समीक्षा बैठक हुई, न ही औपचारिक जांच की घोषणा।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और वेबसाइट पर सीधे पात्रता—वरीयता सूची जारी कर मामले को दबाने के आरोप भी लग रहे हैं।
ग्रामीण आजीविका पर बड़ा असर
बिहान का सीधा संबंध ग्रामीण महिलाओं, स्व-सहायता समूहों और आजीविका मिशन से है। ऐसे में गलत व्यक्ति की नियुक्ति पूरे मिशन की पारदर्शिता और राज्य के विकास को प्रभावित कर सकती है।
जांच और निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग
ग्रामीण विकास से जुड़े विशेषज्ञों और अभ्यर्थियों ने मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारी तत्काल उच्च स्तरीय बैठक बुलाएं, मामले की जांच करवाएं और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से पुनः संचालित करें।
राज्य की आजीविका व्यवस्था और लाखों ग्रामीणों के भविष्य को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस बार अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई की जाएगी।



