छत्तीसगढ़ में नशामुक्त भारत अभियान की गूंज: 19,958 स्थलों पर 6.70 लाख लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ

रायपुर, 20 नवंबर 2025।
नशामुक्त भारत अभियान (NMBA) की 5वीं वर्षगाँठ पर छत्तीसगढ़ में जागरूकता और जनसहभागिता का अभूतपूर्व माहौल देखने को मिला। समाज कल्याण विभाग के नेतृत्व में प्रदेशभर में एक साथ 19,958 स्थलों पर नशामुक्ति शपथ दिलाई गई, जिसमें 6,70,760 से अधिक लोगों ने हिस्सा लेकर नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दोहराया।

राज्यस्तरीय कार्यक्रम रायपुर में
मुख्य कार्यक्रम रायपुर के होटल मैरियट में आयोजित हुआ। इसमें लोकश कावड़िया (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम), समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव और संचालक रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत की शपथ ली।
स्कूल–कॉलेज में जबरदस्त उत्साह
- 7,452 विद्यालयों में 3,98,675 छात्र–शिक्षकों ने नशा छोड़ने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया।
- विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 505 कार्यक्रमों में 69,356 प्रतिभागी शामिल हुए।
- समाज के विभिन्न वर्गों के लिए आयोजित 543 कार्यक्रमों में 24,749 लोगों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता और समूह भी जुड़े
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित 9,355 कार्यक्रमों में 1,20,410 लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली।
अन्य 2,103 आयोजनों में भी 57,570 लोग जुड़े।
राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण
अभियान की 5वीं वर्षगांठ का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में हुआ, जिसका लाइव प्रसारण छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, विभागों और शिक्षण संस्थानों में सामूहिक रूप से देखा गया।
अभियान के उद्देश्य और प्रभाव
नशामुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मकसद युवाओं और समाज को मादक द्रव्यों, तंबाकू और शराब जैसी बुराइयों से दूर रखना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शहरी प्रशासन और युवा सेवाएँ सहित कई विभागों को इस अभियान से जोड़कर इसे एक व्यापक जनआंदोलन बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ ने दिया राष्ट्रीय संदेश
लगभग 6.70 लाख लोगों की सहभागिता ने यह साफ संदेश दिया है कि छत्तीसगढ़ नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित है। राज्य में जनजागरूकता, काउंसिलिंग और समुदाय आधारित गतिविधियाँ लगातार जारी रहेंगी, ताकि छत्तीसगढ़ नशामुक्त और प्रगतिशील प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ सके।



