रायपुर ED ने साइबर अपराध में मुंबई-दिल्ली को पीछे छोड़ा : 8,000 करोड़ के अवैध बेटिंग केस में 2,311 करोड़ फ्रीज, 13 गिरफ्तार

नई दिल्ली, 03 अक्टूबर 2025 प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर में साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ा अभियान तेज कर दिया है। 28 से अधिक शहरों में चल रही कार्रवाई में रायपुर जोनल कार्यालय सबसे आगे है। रायपुर न केवल मनी लॉन्ड्रिंग की पहचान में अन्य शहरों को पीछे छोड़ रहा है, बल्कि संपत्तियों को अटैच करने में भी सबसे सक्रिय साबित हो रहा है।
पिछले महीने श्रीनगर में ED निदेशक राहुल नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में साइबर अपराध के फैलाव और समाज के कमजोर वर्गों पर इसके प्रभाव का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया। इसमें खुलासा हुआ कि ठगी और पोंजी योजनाओं के मास्टरमाइंड विदेशों से संचालित होते हैं और हवाला या क्रिप्टो चैनलों के जरिए धन को बाहर भेजते हैं। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे की संलिप्तता की भी जांच जारी है।
अब तक ED ने 28,000 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध की आय की पहचान की है और 8,500 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को अटैच किया गया है। कुल 106 आरोपियों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रायपुर जोनल कार्यालय देश के सबसे बड़े साइबर अपराध मामलों में सक्रिय है। महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामले में 8,000 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का पता चला, 160 से अधिक छापों में 19 करोड़ नकद, 17 करोड़ कीमती सामान और 2,311 करोड़ रुपए बैंक/डीमैट खातों में फ्रीज किए गए। इस मामले में अब तक 13 गिरफ्तारियाँ हुई हैं और मास्टरमाइंड्स को UAE से प्रत्यर्पित कराने की प्रक्रिया जारी है।
ED की HIUs साइबर ठगी और अवैध धन के अंतरराष्ट्रीय लेन-देन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रायपुर कार्यालय की सक्रियता ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध जांच में देश का सबसे प्रभावशाली कार्यालय बना दिया है।



