मुख्यमंत्री के अनुमोदन से तबादला फिर भी रिलीव नहीं किया व्याख्याता को, बना दिया प्रभारी प्राचार्य, उच्चस्तरीय समिति ने राहत देने से किया इनकार

बिलासपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने छह माह पहले व्याख्याता का ट्रांसफर करते हुए बिलासपुर से मुंगेली के स्कूल में भेज दिया लेकिन उन्हें अब तक उन्हें रिलीव नहीं किया है।इस बीच उच्चस्तरीय समिति ने व्याख्याता का आवेदन खारिज कर दिया है।शासन ने 10 फरवरी 2023 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सरकंडा के व्याख्याता दुष्यंत कुमार चौबे का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण मुंगेली जिले के पथरिया ब्लॉक स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बावली में किया था। जिसके बाद व्याख्याता चौबे ने एक अभ्यावेदन देते हुए ट्रांसफर आदेश निरस्त करने का अनुरोध किया। समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, सदस्य एस प्रकाश तथा सदस्य सचिव डीडी सिंह ने यह कहते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया कि स्थानांतरण मुख्यमंत्री के समन्वय में किए गए अनुमोदन के बाद किया गया है। समन्वय में किए गए स्थानांतरण समिति के सुनवाई के क्षेत्राधिकार से बाहर है। अत: समिति ने कहा दिया कि आवेदक को कोई अनुतोष नहीं दिया जा सकता। इसके बाद भी व्याख्याता को अब तक रिलीव नहीं किया है। बल्कि उन्हें प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया है।व्याख्याता चौबे ने अभ्यावेदन देते हुए समिति से अनुरोध किया था कि उनकी पत्नी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सैदा बिलासपुर में सहायक शिक्षक की पद पर कार्यरत है। और उन्हें दूसरे जिले में ट्रांसफर कर दिया गया है। जो शासन के नियमानुसार पति-पत्नी को कम से कम एक ही जिले में पदस्थ होने चाहिए के विपरीत है। इस अनुरोध को समिति ने खारिज कर दिया है। मार्गदर्शन लेकर रिलीव करेंगे तबादला होने के बाद व्याखाता ने कोर्ट में प्रकरण लगा दिया।मामला अभी कोर्ट में है इसलिए रिलीव नहीं किया गया है। यदि समिति की रिपोर्ट आ चुकी है तो मार्गदर्शन लेकर उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा।-डीके कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर


