महिडबरा में संस्कृति गौरव सम्मेलन: 61 लोगों की मूल धर्म में वापसी, विधायक भावना बोहरा बोलीं- जनजातीय परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर

कवर्धा, 02 नवंबर 2026
पंडरिया विधानसभा के वनांचल क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर आयोजित सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत 61 लोगों की अपने मूल धर्म में घर वापसी कराई गई। वनांचल ग्राम महिडबरा में आयोजित संस्कृति गौरव सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में विधायक भावना बोहरा और आदिवासी एवं बैगा समाज के प्रमुखों की मौजूदगी में यह पहल की गई।
जानकारी के अनुसार, पंडरिया विधानसभा के 10 गांवों के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें कुशियारी, कारीढाप (बदना), कौआनार (बदना), खैरापारा, घोघराखुर्द, सजनखार, छिरहा, परेवाछापर और नवापारा सहित अन्य गांवों के लोग शामिल हैं। पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ उनका स्वागत किया गया। इस दौरान समाज प्रमुखों ने पैर पखारकर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष इतवारी राम मछिया, प्रदेश सलाहकार गौठु राम बैगा, जिला अध्यक्ष सोनसाय बैगा, समाज पुजारी गणेश टेकाम और आदिवासी समाज के संरक्षक तनगु आर्मो सहित समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

तीन महीने से चल रहा था जागरूकता अभियान
आयोजकों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों से आदिवासी, बैगा और सर्व समाज के प्रमुख वनांचल गांवों में बैठकें और संवाद कर रहे थे। इनका उद्देश्य लोगों को अपनी पारंपरिक धार्मिक आस्था, रीति-रिवाज, संस्कृति और पूर्वजों की विरासत के प्रति जागरूक करना था। इसी अभियान के परिणामस्वरूप 61 लोगों ने अपनी इच्छा से मूल धार्मिक आस्था में लौटने का निर्णय लिया।
विधायक बोलीं- जनजातीय संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी और बैगा समाज हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक हैं। उनकी अपनी विशिष्ट पूजा पद्धति, परंपराएं और जीवनशैली है, जिसे पूर्वजों ने पीढ़ियों से सहेजकर रखा है। इस विरासत और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में धर्मांतरण के प्रयास किए गए, जिससे आदिवासी समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हुई। अब समाज में जागरूकता बढ़ रही है और लोग अपनी संस्कृति एवं मूल आस्था से दोबारा जुड़ रहे हैं।

केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों का किया जिक्र
भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकारों और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। भगवान बिरसा मुंडा की विरासत से लेकर जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण तक सरकार जनजातीय गौरव को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा के वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नक्सलवाद से मुक्ति के बाद वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से शासन-प्रशासन ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है।
विधायक ने इस पहल के लिए आदिवासी एवं बैगा समाज के वरिष्ठजनों, समाज प्रमुखों और ग्रामीणों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की एकता, जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान ही सबसे बड़ी ताकत है। आने वाले समय में भी पंडरिया विधानसभा में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक जागरूकता के प्रयास जारी रहेंगे।
कार्यक्रम में आदिवासी एवं बैगा समाज के पदाधिकारियों, यादव समाज के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।


