छत्तीसगढ़

महतारी वंदन की रकम से संवर रहा बेटियों का भविष्य: हर महीने मिलने वाले 1000 रुपये से सुकन्या खाते भर रहीं महिलाएं

धनंजय राठौर
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर

रायपुर, 30 अक्टूबर। प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार तथा परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की शुरुआत आधिकारिक रूप से 1 मार्च 2024 को हुई थी और इसका औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को किया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मोदी की गारंटी का मतलब होता है, गारंटी पूरी होने की गारंटी।

यह योजना राज्य की सभी पात्र विवाहित महिलाओं को लाभ प्रदान करती है। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले रही हैं। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ बेटियों के भविष्य को संवारने का जरिया बन रही है। योजना से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा वे सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं, ताकि आगे चलकर बेटियों की उच्च शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिल सके। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूती दे रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा और पोषण से लेकर परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों तक उसकी भागीदारी और मजबूत होती है। इसलिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार माताओं-बहनों के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास दे रही है।

दंतेवाड़ा जिले के बोडरी गांव की प्रमिला पोतामी के लिए बेटी की पढ़ाई के लिए बचत करना पहले आसान नहीं था। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित मासिक सहायता ने उनके लिए बचत की राह खोली है। प्रमिला कहती हैं, “हमारी आमदनी इतनी नहीं है कि कुछ बचाकर रख सकें। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि बड़ी मददगार है। इस राशि का कुछ हिस्सा मैं सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हूं, जो आगे चलकर बेटी की पढ़ाई में काम आएगा।”

दक्षिण बस्तर का दंतेवाड़ा लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है। ऐसे क्षेत्र में बेटी की शिक्षा के लिए बचत का यह प्रयास बदलती आकांक्षाओं और बेहतर भविष्य को नई उम्मीद दे रहा है। प्रमिला की तरह कुछ अन्य महिलाएं भी मासिक सहायता का हिस्सा बेटियों के नाम बचत करने में लगा रही हैं।

इस योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। इससे महिलाएं अपनी आय के स्रोत विकसित कर अपने परिवार का आर्थिक रूप से सहयोग कर रही हैं। योजना महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और उन्हें प्राप्त करने में भी मदद कर रही है।

रायपुर जिले के रावेली गांव की मीना निषाद ने भी अपनी बेटी महिमा के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया है। वह कहती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं। मैं यह राशि अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हूं। मैं चाहती हूं कि आगे चलकर यह बचत उसकी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों में काम आए।”

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के पर्री गांव की अंजू कुशवाहा भी इसी तरह बचत कर रही हैं। वह मासिक सहायता की कुछ राशि बेटी के सुकन्या खाते में जमा करती हैं और शेष रकम घरेलू खर्चों पर लगाती हैं। उनके मुताबिक, नियमित आर्थिक मदद से भविष्य के लिए थोड़ी-बहुत बचत कर पाने का भरोसा बढ़ा है।

वहीं, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के बघमरा गांव की दीपाली मरकाम इस राशि का इस्तेमाल बच्चों की स्कूली जरूरतों और बेटी के भविष्य के लिए बचत करने में कर रही हैं। उनका कहना है कि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल करें और जीवन में आगे बढ़ें, लेकिन सीमित घरेलू संसाधनों के बीच भविष्य के लिए पैसे बचाना आसान नहीं होता। मासिक आर्थिक सहायता से उन्हें बच्चों की पढ़ाई में योगदान देने और बेटी के लिए बचत करने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नारी, शान हैं हमारी।

सुशासन की सरकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह 1,000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता देकर प्रदेश की माता-बहनों के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 8 अक्टूबर 2026 को योजना की 32वीं किस्त के रूप में 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से 632.40 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। अब तक महतारी वंदन योजना के माध्यम से माता-बहनों को 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।

महतारी वंदन योजना के तहत रायपुर जिले के 5 लाख 13 हजार 534 हितग्राहियों, बिलासपुर जिले के 4 लाख 11 हजार 310 हितग्राहियों, दुर्ग के 3 लाख 89 हजार 507 हितग्राहियों, बलौदाबाजार-भाटापारा के 3 लाख 19 हजार 815 हितग्राहियों और महासमुंद जिले के 3 लाख 12 हजार 162 हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित की जा रही है। इससे प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में मदद मिल रही है।

वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत का अवसर देती है। इसके माध्यम से माता-पिता बेटियों की शिक्षा और विवाह जैसी भविष्य की जरूरतों के लिए धन जमा कर सकते हैं। इन महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि नियमित आर्थिक सहायता से बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए योजनाबद्ध बचत की शुरुआत करना संभव हो रहा है।

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Manish Tiwari

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