
रायपुर, 19 दिसंबर 2025।छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया इस वर्ष पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसान-हितैषी रूप में संचालित हो रही है। धमतरी जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती कर सतत निगरानी की जा रही है, जिससे किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हुआ है। इसका सकारात्मक असर यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के धान विक्रय कर शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ उठा रहे हैं।
धान खरीदी में तुंहर टोकन ऐप ने व्यवस्था को और सरल बना दिया है। समय पर टोकन, व्यवस्थित तौल, बैठने की सुविधा, पेयजल और छाया जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं ने किसानों का शासन-प्रशासन पर भरोसा मजबूत किया है। जिले के किसान इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
इसी कड़ी में ग्राम पोटियाडीह के किसान नरेन्द्र कांकरिया की कहानी प्रेरक है। उन्होंने खरीफ मौसम में 8 एकड़ 15 डिस्मिल में धान की खेती की और तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से पहले ही टोकन में 80 क्विंटल धान विक्रय किया। केंद्र पर पहुंचने से लेकर तौल और रसीद प्राप्ति तक की पूरी प्रक्रिया सहज और परेशानी-मुक्त रही।
नरेन्द्र कांकरिया ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से मिली राशि से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा, जिससे खेती में सुविधा और उत्पादन क्षमता बढ़ी। इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से ट्रैक्टर ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने की योजना है। समय पर भुगतान से आर्थिक दबाव कम होता है और खेती में पुनर्निवेश का आत्मविश्वास बढ़ता है।
किसानों का कहना है कि उपार्जन केंद्रों की बेहतर व्यवस्थाओं के कारण किसी तरह की असुविधा नहीं हो रही। यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
धमतरी जिले में धान खरीदी की यह पारदर्शी व्यवस्था किसानों की मेहनत को सम्मान देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।



