wedding भगवंत मान करने जा रहे हैं शादी, जानिए कौन है उनकी दुल्हन
wedding 6 साल पहले लिया था पहली बीवी से तलाक अरविंद केजरीवाल होंगे शामिल
wedding चंडीगढ़ । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दूसरी शादी करने वाले हैं। वह एक निजी समारोह में चंडीगढ़ में 7 जुलाई यानी गुरुवार डॉ. गुरप्रीत कौर से विवाह करेंगे।
इस कार्यक्रम में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी शामिल होंगे। चंडीगढ़ में भगवंत मान की शादी की तैयारियां जोरों पर है। इसमें उन्होंने कुछ रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों को ही निमंत्रण दिया है।
भगवंत मान ने 6 साल पहले अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लिया था। इस शादी से उनके दो बच्चे हैं, जो अमेरिका में ही मां के साथ रहते हैं। खबरों के मुताबिक भगवंत मान की शादी की तैयारियों की पूरी जिम्मेदारी राघव चड्ढा के पास है, जो पंजाब के आम आदमी पार्टी के प्रभारी भी हैं।
wedding इस शादी में यूं तो ज्यादा लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया है, लेकिन आम आदमी पार्टी के ज्यादातर शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी इस मौके पर रहेंगे। पंजाबी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक भगवंत मान और उनकी पत्नी बनने जा रहीं गुरप्रीत लंबे समय से एक-दूसरे से परिचित हैं। भगवंत मान सिख रीति-रिवाज से शादी करेंगे। उनकी होने वाली पत्नी भी सिख समुदाय से ही आती हैं और मूल रूप से पंजाब की ही रहने वाली हैं। भगवंत मान की पहली इंदरप्रीत कौर थीं, जिनसे उन्होंने तलाक ले लिया था।
पंजाब को परिवार बता पहली पत्नी से बनाई थी दूरी
wedding भगवंत मान ने 2014 में राजनीति में कदम रखा था, लेकिन 2015 में उन्होंने पंजाब को अपना परिवार बताते हुए पत्नी और बच्चों से दूरी बना ली थी। जनता के बीच एक खुशहाल दंपति की छवि रखने वाले भगवंत मान और इंद्रप्रीत कौर ने स््रस् नगर कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी थी। इस खबर ने कई लोगों को चौंकाया। ऐसे में मान ने दावा किया था कि उन्होंने परिवार से पहले पंजाब को चुना। उस दौरान भी कोर्ट ने विचार के लिए 6 महीनों का समय दिया था, लेकिन मान अपना मन बना चुके थे।
शायराना अंदाज में किया था पहली पत्नी से तलाक का ऐलान
wedding उन्होंने इसे लेकर एक कविता भी पोस्ट की थी- जो लटकेयां सी चिरा तो ओ हाल हो गया, कोर्ट च एह फैसला कल हो गया… एक पासे सी परिवार, दूजे पासे सी परिवार… मैं ता यारां पंजाब दे वल हो गया। इसका मतलब हुआ कि लंबे समय से अटका हुआ एक मुद्दा सुलझ गया है। कोर्ट ने कल फैसला कर दिया है। मुझे एक और दूसरे परिवार के बीच चुनना पड़ा। मैंने पंजाब के साथ जानने का फैसला किया।



