वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर मुस्लिम समाज का अनोखा संदेश — छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड में गूंजा राष्ट्रीय गीत, शामिल हुए कई गणमान्य नागरिक

रायपुर, 08 नवम्बर 2025।वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड परिसर में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन कर देशभक्ति का अद्भुत संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देश पर किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में प्रदेशभर में वंदे मातरम् उत्सव मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वंदे मातरम् कार्यक्रम के प्रदेश प्रभारी नंदन लाल जैन उपस्थित रहे।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत 1896 में पहली बार गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया था। यह गीत देश की आजादी के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सभी शहीदों को नमन करने का प्रतीक है।”
भाजपा नेता नंदन जैन ने अपने उद्बोधन में कहा, “वंदे मातरम् गीत की प्रेरणा से अशफाक उल्ला खान जैसे वीरों ने हंसते-हंसते देश के लिए शहादत दी। आज हम इस गीत को गाकर उन महान बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।”
डाॅ. सलीम राज ने कहा, “वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि देश के मान-सम्मान और आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी संकल्प का प्रतीक है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर काजी मौलाना मुफ्ती आरिफ अली फारूकी ने की, जबकि राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन रेहाना खान द्वारा किया गया।
इस अवसर पर समाज प्रमुख हाजी अब्दुल फहीम, मखमूर इकबाल खान, युनूस कुरैशी, मौलाना आबाद फारूकी, वक्फ बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिम्मी नाहिद, लेखा अधिकारी पवन कुमार, विधि अधिकारी एस.के. पांडेय, तथा बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं और धर्मगुरु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन “वंदे मातरम्” के जयघोष के साथ हुआ, जिसने पूरे परिसर को राष्ट्रभक्ति के उत्साह से भर दिया।



