केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में किया ‘छत्तीसकला’ ब्रांड और डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अवसर

रायपुर, 19 नवम्बर 2025: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आयोजित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त वितरण कार्यक्रम में राज्य के लिए एक ऐतिहासिक दिन बनाया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ का पहला एकीकृत ग्रामीण ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’ और डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया।
छत्तीसकला: ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को मिलेगी पहचान
‘छत्तीसकला’ ब्राण्ड राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को एकीकृत बाजार मंच और पहचान प्रदान करेगा। ब्रांड के अंतर्गत मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम, ढोकरा आर्ट, बांस एवं मिट्टी के उत्पाद, अगरबत्ती और पूजा सामग्री जैसी चीज़ें शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह ब्राण्ड महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएगा।
डिजिटल फाइनेंस बुकलेट: 48 बीसी सखियों की प्रेरक कहानी
कार्यक्रम में डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन भी किया गया, जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट (बीसी) सखियों की सफलताओं को दर्ज किया गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएँ प्रदान कर रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ रुपये का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं।
हजारों स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सशक्तिकरण
कार्यक्रम के तहत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपये की रिवॉल्विंग निधि और 8340 समूहों को 50.04 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि प्रदान की गई। इसके अलावा, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रुपये और 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपये का उद्यमिता ऋण भी दिया गया।
ग्रामीण समृद्धि और महिला नेतृत्व की नई दिशा
धमतरी में आयोजित यह कार्यक्रम केवल वित्तीय सहायता का वितरण नहीं था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। ‘छत्तीसकला’ ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन मिलकर ग्रामीण आजीविका और महिला नेतृत्व को मजबूती देंगे।



