“वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान में दम नहीं” — अजय चंद्राकर का कांग्रेस पर करारा हमला, बोले- नक्सलियों से कांग्रेस के रहे संबंध, जिलाध्यक्ष चयन में भी हाईकमान बिहार में मछली पकड़ने में व्यस्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 4 नवंबर से विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत घर-घर गणना चरण की शुरुआत हो रही है। इसी बीच कांग्रेस द्वारा इस प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा बयान दिया है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में देश में 10 बार एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) हो चुका है, जो निर्वाचन आयोग की नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के अभियान में कोई दम नहीं है, वे केवल इधर-उधर की बातें कर रहे हैं।”
PCC चीफ दीपक बैज पर भी साधा निशाना
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर उठाए गए सवालों पर चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार और नक्सलियों के बीच कोई गोपनीय वार्ता नहीं हुई है और राज्य सरकार का स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट और सही है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस बताए कि उनके शासन में नक्सलवाद कैसे फैला? झीरम कांड के आरोपी आज तक क्यों नहीं पकड़े गए? कांग्रेस का नक्सलियों से संबंध रहा है।”
जिलाध्यक्ष चयन को लेकर तंज
कांग्रेस जिलाध्यक्षों के चयन में हो रही देरी पर भी विधायक चंद्राकर ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, “कांग्रेस का हाईकमान इन दिनों बिहार में मछली पकड़ने गया है। जब फुर्सत मिलेगी तभी जिलाध्यक्ष चुन पाएंगे। अगर जल्दी है तो गंगरेल आकर मछली पकड़ लें।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस में आज भी केवल एक परिवार की ही चलती है — “कांग्रेस में माता, भाई और बहन के कहने पर ही सब कुछ होता है।”
👉 सार: अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर एक के बाद एक हमले करते हुए गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि भाजपा सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है।



