सुप्रीम कोर्ट ने नान घोटाले में पूर्व IAS अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला की अग्रिम जमानत रद्द की, अब जेल जाना पड़ेगा

रायपुर, 17 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ के चर्चित नान घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। कोर्ट ने पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला को मिली अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया है। इसके बाद दोनों को नान घोटाले में जेल जाना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने नान घोटाले और आबकारी घोटाले से जुड़े लंबित मामलों का निराकरण भी कर दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन मामलों की जांच तय समय सीमा में पूरी की जाए।
घोटाले की पृष्ठभूमि:
साल 2015 में छत्तीसगढ़ में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) में बड़ा घोटाला सामने आया। आरोप था कि राइस मिलों से लाखों क्विंटल घटिया क्वालिटी का चावल खरीदा गया और इसके एवज में करोड़ों की रिश्वत ली गई। साथ ही चावल के स्टोरेज और परिवहन में भी घोटाले की बातें उजागर हुई थीं।
इस घोटाले की जांच के दौरान ACB ने नान मुख्यालय समेत 28 ठिकानों पर रेड मारी थी। रेड के दौरान करोड़ों रुपए कैश और कथित स्कैम से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे।
आरोपियों की भूमिका:
आलोक शुक्ला नान घोटाले के समय मुख्य कार्यपालन अधिकारी और खाद्य सचिव पद पर कार्यरत थे, जबकि अनिल टुटेजा नान के प्रबंध संचालक थे। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद दोनों अधिकारियों पर सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोप लगे।
राजनीतिक संदर्भ:
आलोक शुक्ला को कांग्रेस सरकार में संविदा नियुक्ति मिली थी। उनके अग्रिम जमानत मामले में बिलासपुर उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता और एक न्यायधीश के रिश्तेदार की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठे थे। इसके अलावा, कांग्रेस शासन में आलोक शुक्ला की पत्नी को एक बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। भाजपा शासन आने से पहले आलोक शुक्ला ने नवाचार आयोग से इस्तीफा दे दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार के लिए आरोपियों को पकड़कर गिरफ्तार करना अब आसान हो जाएगा।



