
रायपुर, 16 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर अटल नगर के संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मिशन के तहत अब तक 40.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।
उन्होंने बताया कि मिशन से पहले राज्य में सिर्फ 3.19 लाख घरेलू नल कनेक्शन थे। बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सरकार का लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध और सतत पेयजल उपलब्ध कराना है और छत्तीसगढ़ को जल्द ‘हर घर जल’ राज्य बनाना है।
6,572 गांवों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन
प्रदेश के 6,572 गांवों में सभी घरों तक नल कनेक्शन पूरे हो चुके हैं। इनमें से 5,564 गांवों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है। 4,544 गांवों का प्रमाणन भी हो चुका है। बीते दो वर्षों में प्रमाणित गांवों की संख्या में 750% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है।
समूह जल प्रदाय योजनाओं से 3,208 गांव लाभान्वित
मिशन से पहले ग्रामीण इलाकों में 3.08 लाख हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 गांवों को लाभ मिल रहा है। इन योजनाओं से 9.85 लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन जोड़े गए हैं।
गुणवत्ता पर सख्ती, 28.38 करोड़ का जुर्माना
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा। बीते दो वर्षों में खराब कामों पर 28.38 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया, 629 अनुबंध रद्द किए गए और 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
जल जांच और शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर
राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 जारी है।
आगे की योजना
सरकार शेष 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, 21 हजार अधूरी योजनाओं को पूरा करने, 24 हजार योजनाओं को ग्राम पंचायतों को सौंपने और सभी समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय पर पूरा करने पर फोकस कर रही है।
मानव संसाधन मजबूत
दो वर्षों में 403 नए पद सृजित किए गए, 213 नियुक्तियां हुईं, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति और 877 कर्मचारियों को समयमान-वेतनमान का लाभ दिया गया।



