डिप्टी CM अरुण साव का सख्त संदेश : दीपावली से पहले सभी निकायों में वेतन भुगतान सुनिश्चित, लेट-लतीफी पर कड़ा निर्देश

रायपुर, 13 अक्टूबर 2025/ उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में दीपावली से पहले कर्मचारियों को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से काम करने और लेट-लतीफी से बचने की सख्त हिदायत दी।
समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
साव ने कहा कि सभी कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर नजर आने चाहिए। उन्होंने गोधाम योजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण बढ़ाने के लिए राज्य प्रवर्तित योजना के तहत राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा।
बैठक में नगरीय निकायों के लंबित विद्युत देयकों की समीक्षा करते हुए उन्होंने एनर्जी बिल ऑडिट की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की। साव ने सरचार्ज और अतिरिक्त भार से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए सीएमओ, लेखापाल और अभियंताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नवगठित नगरीय निकायों को आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना मद, चुंगी कर या अन्य स्रोतों से राशि स्वीकृत कर कार्य कराने की योजना प्रस्तुत करने को कहा। साव ने नवीन निकायों को शीघ्र वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए।
उप मुख्यमंत्री ने नालंदा एवं अटल परिसरों सहित बजट में शामिल अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है, अतः अधिकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।
बैठक में अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति, रिक्त पदों पर भर्ती, वर्गीकरण और सेटअप रिवीजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उप अभियंताओं की भर्ती के लिए वित्त विभाग से समन्वय कर शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
साव ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 21 नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजनाओं और एसटीपी निर्माण की समीक्षा करते हुए डीपीआर और आरएफपी कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की निकायवार समीक्षा कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से निर्माण में आ रही बाधाएं दूर करने के निर्देश भी दिए।
उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की चल-अचल संपत्ति, मशीनरी और वाहनों की ऑडिट कर अद्यतन स्थिति तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यावसायिक परिसरों और दुकानों के नियमानुसार संचालन की समीक्षा करने को कहा।
उन्होंने मुक्तिधामों को समुचित सुविधाओं से लैस करने के लिए शवदाह शेड, प्रतीक्षालय, पेयजल, गार्ड कक्ष और बाउंड्रीवाल आदि निर्माण के लिए सूडा की राज्य प्रवर्तित योजना से राशि आबंटित करने के निर्देश दिए।
बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त सीईओ दुष्यंत कुमार रायस्त, उप सचिव डॉ. ऋतु वर्मा, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



