
सुकमा, 3 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय और दूरदर्शी पुनर्वास नीति अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है, जिससे आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
इसी क्रम में शुक्रवार को सुकमा स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में 32 पुनर्वासित युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार मुख्य अतिथि रहे और उन्होंने युवाओं से संवाद कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा, “पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि आप सभी को स्थायी आजीविका, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मान मिले। आज दी जा रही मेसन किट केवल औजार नहीं, बल्कि आपके नए जीवन की मजबूत नींव है।”
उन्होंने आगे कहा कि निर्माण कार्यों में रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और राजमिस्त्री का कार्य युवाओं को मेहनत और ईमानदारी के बल पर कुशल कारीगर बनने का अवसर देता है। इससे वे स्वरोजगार, ठेकेदारी और उद्यमिता की ओर भी बढ़ सकते हैं।
इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुनर्वास का मतलब केवल मुख्यधारा में लौटना नहीं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवन को नई दिशा देना है। मेसन किट मिलने से युवाओं को निर्माण कार्यों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बना सकेंगे।



