नवा रायपुर में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा—जोखिम की समय पर पहचान कर हर हाल में कम करें मातृ-शिशु मृत्यु दर

रायपुर, छत्तीसगढ़। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की। नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में हुई इस बैठक में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जोखिम वाले मामलों की समय पर पहचान कर उन्हें तुरंत उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया जाए, ताकि मातृ-शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके। साथ ही प्रसूता और नवजात शिशु की देखभाल में निरंतर फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पहले से तैयारियां मजबूत की जाएं और मरीजों को संस्थागत स्तर पर ही बेहतर उपचार और आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में यह भी कहा गया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले की अनिवार्य रिपोर्टिंग हो तथा डेटा विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इसके अलावा स्वास्थ्य योजनाओं के प्रचार-प्रसार को भी तेज करने पर बल दिया गया ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंच सके।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने टीबी, मलेरिया उन्मूलन, टीकाकरण और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। अंत में अधिकारियों से सेवा भावना और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की गई।



