छत्तीसगढ़

रायपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की रफ्तार धीमी — 18.92 लाख वोटरों में से सिर्फ 4 लाख को ही मिले फॉर्म, बीएलओ को नहीं मिल रहे घर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन राजधानी रायपुर में इसकी रफ्तार बेहद धीमी है। जिले में कुल 18 लाख 92 हजार 523 मतदाता हैं, पर अब तक सिर्फ 21.42% यानी करीब 4 लाख वोटरों को ही फॉर्म बांटे जा सके हैं। वजह – बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को लोगों के घर नहीं मिल पा रहे हैं।

निर्वाचन आयोग ने 4 दिसंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य दिया है, यानी अब सिर्फ 22 दिन शेष हैं। इन दिनों में बीएलओ को बाकी 79.58% फॉर्म वितरित और संकलित करने हैं।

ग्रामीण क्षेत्र आगे, शहरी इलाकों में मुश्किलें

धरसींवा विधानसभा में सबसे ज्यादा 35.16% फॉर्म बांटे जा चुके हैं, जबकि रायपुर उत्तर में अब तक सिर्फ 9.28% फॉर्म ही बंटे हैं। शहरी क्षेत्रों में बीएलओ को वार्डों में घर ढूंढ़ने में कठिनाई हो रही है क्योंकि 2003 के बाद वार्ड सीमाएं और बूथ लोकेशन बदल चुके हैं।

90% फॉर्म बीएलओ खुद भर रहे

बीएलओ नीलकंठ ने बताया कि एक घर के सर्वे में औसतन 25 से 30 मिनट का समय लग रहा है। उन्होंने कहा, “अधिकांश लोगों को प्रपत्र समझ नहीं आ रहा, इसलिए लगभग 90 प्रतिशत फॉर्म हमें खुद ही भरने पड़ रहे हैं। अगर हमें स्थानीय सहयोगी मिल जाएं तो काम में तेजी आ सकती है।”

तकनीकी अड़चनें भी बनी बाधा

हीरापुर में कार्यरत बीएलओ धर्मेश ने बताया कि कई मतदाताओं के नाम पहले उत्तर प्रदेश और बिहार की वोटर लिस्ट में हैं। लेकिन बीएलओ ऐप में अन्य राज्यों की लिस्ट खुल नहीं रही, जिससे पुराने रिकॉर्ड से मिलान करना संभव नहीं हो पा रहा। इस तकनीकी समस्या के चलते सर्वे की गति बेहद धीमी है।

फैक्ट फाइल

  • शुरुआत: 4 नवंबर 2025
  • लक्ष्य तिथि: 4 दिसंबर 2025
  • रायपुर में बीएलओ की संख्या: 1813
  • मिलान आधार वर्ष: 2003

प्रशासन का दावा – समय पर पूरा होगा काम

अपर कलेक्टर नवीन कुमार ठाकुर ने बताया, “बीएलओ को फॉर्म वितरण और संग्रहण का कार्य सौंपा गया है। हम निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर लेंगे।”


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Manish Tiwari

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