
रायपुर, 9 अप्रैल 2026:महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में आज छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा “मोर मयारू गुरुजी” कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चला।
कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों के चरित्र निर्माण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि शिक्षकों का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व बच्चों को सही दिशा देना है। उनका कहना था कि शिक्षक इस कार्य को यज्ञ की तरह समझकर करें, क्योंकि राष्ट्र का भविष्य शिक्षकों द्वारा गढ़े गए बच्चों के चरित्र पर ही निर्भर करता है।
कार्यक्रम में आयोग के सचिव प्रतीक खरे ने भी शिक्षकों को बच्चों के अधिकारों और व्यक्तित्व निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चे 80 प्रतिशत बातें अवलोकन से और 20 प्रतिशत बातें पढ़ने या सुनने से सीखते हैं, इसलिए शिक्षक का व्यवहार बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जास्मिन जोशी, उपप्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी, बी.एड. संकाय के विभागाध्यक्ष, शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि सरकार सहित लगभग 125 छात्र-छात्राएं और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
समापन पर प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और रोचक बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। आयोग ने आयोजन हेतु कॉलेज का आभार व्यक्त किया, वहीं महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज परिवार ने डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रति हृदय से कृतज्ञता जताई कि उन्होंने अपने व्यस्त समय से समय निकालकर कार्यक्रम को सफल बनाया।



