रायपुर में ‘शिक्षा संवाद 2026’ शुरू: IIT मद्रास से समझौता, उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रम और स्किल-आधारित पढ़ाई पर जोर

रायपुर, 17 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ रायपुर स्थित Courtyard by Marriott Raipur में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में शामिल रहा।
उच्च शिक्षण संस्थानों को समय के अनुरूप ढालने पर जोर
उद्घाटन सत्र की थीम ‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ रही। मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य के युवा सबसे बड़ी ताकत हैं और उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने, पाठ्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों के मुताबिक संशोधित करने और संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने पर बल दिया।
उन्होंने विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता रेखांकित करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल मिल सकेगा। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम आधार बताया गया।
शिक्षा सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों और संस्थागत सशक्तीकरण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम-आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ डॉ. रवि गुप्ता ने नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की जरूरत बताई। वहीं उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने शिक्षा, कौशल और रोजगार के समेकित मॉडल के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।
आईआईटी मद्रास के ‘SWAYAM Plus’ से एमओयू
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और Indian Institute of Technology Madras के SWAYAM Plus के बीच एमओयू रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन व ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र और क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की ओर कदम
उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया स्थित Lincoln University College के साथ भी एमओयू किया। इसका उद्देश्य छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
दिनभर होंगे विषयगत सत्र
‘शिक्षा संवाद 2026’ के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत तालमेल बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।



