
पत्थलगांव, 06 जनवरी (रमेश शर्मा)।पत्थलगांव विकासखंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी किया गया नया आदेश स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर रहा है। आदेश के तहत अब प्रतिदिन अलग-अलग अस्पतालों से डॉक्टरों को एक-एक दिन के लिए PHC कोतबा में ड्यूटी पर भेजा जाएगा।
यह व्यवस्था पूरे छत्तीसगढ़ में शायद पहली बार देखने को मिल रही है, जिसे स्थानीय लोग और स्वास्थ्यकर्मी दोनों ही “अव्यवहारिक और हास्यास्पद” बता रहे हैं।
दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतबा में पिछले छह महीनों से स्थायी चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त है। डॉक्टर की नियमित नियुक्ति नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। आंदोलन के दबाव में स्वास्थ्य विभाग ने स्थायी समाधान करने की बजाय यह अस्थायी और असंगत व्यवस्था लागू कर दी।
जनवरी 2026 के पूरे महीने के लिए अलग-अलग अस्पतालों के डॉक्टरों की रोजाना ड्यूटी कोतबा PHC में लगाई गई है। इस ‘वन-डे ड्यूटी सिस्टम’ से न केवल डॉक्टरों को भारी असुविधा हो रही है, बल्कि मरीजों को भी इलाज में निरंतरता नहीं मिल पा रही है। हर दिन नए डॉक्टर के आने से मरीजों की फाइल, इलाज की प्रक्रिया और फॉलो-अप पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो रहा है।
इस पूरे मामले पर जशपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक यूडी मिंज ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की “बड़ी विफलता का हास्यास्पद उदाहरण” है। उन्होंने कहा कि सरकार को अस्थायी जुगाड़ की बजाय कोतबा में तत्काल स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि जनता को नियमित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।



