बीजिंग में शुरू हुआ एससीओ का 25वां शिखर सम्मेलन, मोदी-पुतिन की मुलाकात पर दुनिया की नजर

बीजिंग। चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का 25वां शिखर सम्मेलन रविवार रात औपचारिक रूप से शुरू हो गया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने डिनर का आयोजन कर सभी मेहमानों का स्वागत किया। सोमवार सुबह जिनपिंग ने बैठक की औपचारिक शुरुआत की, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित दुनिया के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक के उद्घाटन भाषण में जिनपिंग ने वैश्विक मामलों में धमकाने वाले व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने शीत युद्ध की मानसिकता, गुटबाजी और किसी भी तरह के दबाव की राजनीति का विरोध करने की अपील की। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका का नाम नहीं लिया। जिनपिंग ने यह भी घोषणा की कि चीन इस वर्ष एससीओ सदस्य देशों को 2 अरब युआन (करीब 28.1 करोड़ डॉलर) का अनुदान देगा और संगठन को अगले स्तर तक ले जाने का काम करेगा।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन गर्मजोशी से मिले और गले लगाकर अभिवादन किया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी, जिस पर वैश्विक स्तर पर नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और अमेरिका द्वारा हाल ही में लगाए गए नए शुल्कों की पृष्ठभूमि में मोदी का भाषण काफी अहम होगा।
इस साल का शिखर सम्मेलन 10 सदस्यीय संगठन का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस सहित 20 विदेशी नेताओं और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों को आमंत्रित किया है। समूह फोटो सेशन के दौरान मोदी, पुतिन और जिनपिंग एक-दूसरे से अनौपचारिक चर्चा करते भी नजर आए।
जिनपिंग ने उम्मीद जताई कि सभी पक्षों के सम्मिलित प्रयासों से यह शिखर सम्मेलन सफल होगा और एससीओ सदस्य देशों के बीच एकता और सहयोग को और मजबूत करेगा।



