
रायपुर | 28 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ में हाथी–मानव द्वंद को रोकने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास बगिया में ‘गजरथ यात्रा–2025’ पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में जशपुर जिले के हाथी विचरण क्षेत्र, संवेदनशील गांवों की पहचान, स्कूलों में चल रहे जागरूकता अभियान, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष और एनीमल ट्रैकर ऐप जैसी तकनीकी पहलों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
पुस्तक के माध्यम से गजरथ यात्रा की उपलब्धियों और उसके जिलेभर में विस्तार को भी दर्शाया गया है, जिससे हाथी–मानव संघर्ष को कम करने की रणनीति को मजबूती मिली है।
6 वनकर्मी किए गए सम्मानित
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर हाथी–मानव द्वंद को कम करने में अहम भूमिका निभाने वाले 6 वनकर्मियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इनमें —
उमेश पैंकरा,
दुर्गेश नंदन साय,
महत्तम राम सोनी,
गणेश राम,
रविशंकर पैंकरा
और फूल सिंह सिदार शामिल हैं।
CM साय का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह पुस्तक आम लोगों को
हाथियों के व्यवहार को समझने,
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने
और समय पर सतर्कता बरतने में मदद करेगी।
उन्होंने स्कूलों में चल रहे जागरूकता अभियानों को भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
कई बड़े हादसे टले
मुख्यमंत्री ने सम्मानित वनकर्मियों और आरआरटी टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और साहस की वजह से कई गांवों में बड़े हादसे टल सके हैं और लोगों की जान-माल सुरक्षित रही है।
इस अवसर पर
नरेन्द्र कुमार दुग्गा,
दीपक कुमार झा,
रोहित व्यास,
शशिमोहन सिंह
और शशि कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



