युद्ध के बीच भारत को राहत: सऊदी ने भेजा 60 लाख बैरल तेल, होर्मुज बंद होने के बाद भी सप्लाई जारी

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी अरब ने मुश्किल हालात के बावजूद भारत को कच्चे तेल की सप्लाई जारी रखी है। बताया जा रहा है कि 4 बड़े टैंकरों में करीब 60 लाख बैरल तेल भारत भेजा गया है।
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण खाड़ी देशों से तेल आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसी बीच ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते संघर्ष ने हालात और गंभीर कर दिए। ऐसे में सऊदी अरब ने वैकल्पिक रास्ता अपनाते हुए लाल सागर के जरिए भारत को तेल भेजना शुरू किया।
जानकारी के मुताबिक, सऊदी के यानबू पोर्ट से टैंकर रवाना किए गए हैं। यहां तक तेल करीब 1200 किमी लंबी पाइपलाइन से पहुंचाया जाता है, फिर जहाजों के जरिए भारत भेजा जाता है। महीने के अंत तक 90 लाख से 1 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल आने की उम्मीद है।
हालांकि, नया रास्ता भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। बाब अल-मंडेब के पास पहले भी हमले हो चुके हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद यह कदम भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे तेल सप्लाई बनी रहेगी और संभावित ऊर्जा संकट टल सकता है।
क्यों अहम है ये सप्लाई?
- भारत की बड़ी निर्भरता खाड़ी देशों के तेल पर
- होर्मुज बंद होने से सप्लाई पर असर
- वैकल्पिक रास्ते से राहत, कीमतों पर नियंत्रण संभव
👉 कुल मिलाकर, युद्ध के बीच सऊदी का यह कदम भारत के लिए बड़ी आर्थिक राहत और कूटनीतिक मजबूती का संकेत माना जा रहा है।



