
नई दिल्ली। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष और हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, इस दिन किए गए कुछ विशेष धार्मिक उपाय जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी, विवाह में देरी, पारिवारिक तनाव या मानसिक अशांति से जूझ रहा है, तो विष्णु सहस्रनाम का नियमित पाठ उसके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
विष्णु सहस्रनाम का धार्मिक महत्व
महाभारत के अनुशासन पर्व में वर्णित विष्णु सहस्रनाम की उत्पत्ति उस समय मानी जाती है, जब भीष्म पितामह ने मृत्युशैया पर धर्मराज युधिष्ठिर को इसका उपदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि कलयुग में भगवान विष्णु के इन 1000 नामों का जाप सभी दुखों से मुक्ति का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है।
गुरुवार को पाठ करने के 3 बड़े लाभ
1. विवाह में आ रही बाधाएं होती हैं दूर
ज्योतिष के अनुसार कुंडली में गुरु (बृहस्पति) ग्रह कमजोर होने पर विवाह में देरी या रिश्तों में टूटन की स्थिति बनती है। गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे विवाह के योग बनते हैं और दांपत्य जीवन सुखी होता है।
2. गुरु दोष से मिलती है राहत
यदि कुंडली में गुरु दोष हो, तो व्यक्ति को करियर, स्वास्थ्य और निर्णय क्षमता से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। भगवान विष्णु को ‘गुरुओं के भी गुरु’ माना गया है। उनकी स्तुति से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं और कुंडली के अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।
3. सुख-समृद्धि और मानसिक शांति
भगवान विष्णु को लक्ष्मीपति कहा जाता है। मान्यता है कि जहां नारायण का वास होता है, वहां माता लक्ष्मी स्वयं विराजमान होती हैं। विष्णु सहस्रनाम के नियमित पाठ से घर में सुख-समृद्धि आती है, आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है।
विष्णु सहस्रनाम पाठ की सही विधि
- समय: गुरुवार की सुबह स्नान कर स्वच्छ मन से पाठ करें।
- वस्त्र: पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
- पूजा विधि: भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं, पीले फूल अर्पित करें और श्रद्धा से पाठ करें।
- विशेष बात: यदि संस्कृत में पाठ करना कठिन हो, तो विष्णु सहस्रनाम का ऑडियो सुनना भी समान फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियम से किया गया विष्णु सहस्रनाम का पाठ जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।
गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ: विवाह, धन और मानसिक शांति के लिए चमत्कारी उपाय
नई दिल्ली। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष और हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, इस दिन किए गए कुछ विशेष धार्मिक उपाय जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी, विवाह में देरी, पारिवारिक तनाव या मानसिक अशांति से जूझ रहा है, तो विष्णु सहस्रनाम का नियमित पाठ उसके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
विष्णु सहस्रनाम का धार्मिक महत्व
महाभारत के अनुशासन पर्व में वर्णित विष्णु सहस्रनाम की उत्पत्ति उस समय मानी जाती है, जब भीष्म पितामह ने मृत्युशैया पर धर्मराज युधिष्ठिर को इसका उपदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि कलयुग में भगवान विष्णु के इन 1000 नामों का जाप सभी दुखों से मुक्ति का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है।
गुरुवार को पाठ करने के 3 बड़े लाभ
1. विवाह में आ रही बाधाएं होती हैं दूर
ज्योतिष के अनुसार कुंडली में गुरु (बृहस्पति) ग्रह कमजोर होने पर विवाह में देरी या रिश्तों में टूटन की स्थिति बनती है। गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे विवाह के योग बनते हैं और दांपत्य जीवन सुखी होता है।
2. गुरु दोष से मिलती है राहत
यदि कुंडली में गुरु दोष हो, तो व्यक्ति को करियर, स्वास्थ्य और निर्णय क्षमता से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। भगवान विष्णु को ‘गुरुओं के भी गुरु’ माना गया है। उनकी स्तुति से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं और कुंडली के अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।
3. सुख-समृद्धि और मानसिक शांति
भगवान विष्णु को लक्ष्मीपति कहा जाता है। मान्यता है कि जहां नारायण का वास होता है, वहां माता लक्ष्मी स्वयं विराजमान होती हैं। विष्णु सहस्रनाम के नियमित पाठ से घर में सुख-समृद्धि आती है, आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है।
विष्णु सहस्रनाम पाठ की सही विधि
- समय: गुरुवार की सुबह स्नान कर स्वच्छ मन से पाठ करें।
- वस्त्र: पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
- पूजा विधि: भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं, पीले फूल अर्पित करें और श्रद्धा से पाठ करें।
- विशेष बात: यदि संस्कृत में पाठ करना कठिन हो, तो विष्णु सहस्रनाम का ऑडियो सुनना भी समान फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियम से किया गया विष्णु सहस्रनाम का पाठ जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।



