रायगढ़ कार्बन प्लांट ब्लास्ट: बिना सुरक्षा उपकरण काम कराने का खुलासा, दो प्रबंधकों पर FIR

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फर्नेस फटने से एक मासूम समेत 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। जांच में सामने आया है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कराया जा रहा था, जिसके बाद पुलिस ने प्लांट के दो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
शिकायतकर्ता आशा बाई खड़िया के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब फर्नेस को बिना ठंडा किए उसका ढक्कन खुलवाया गया। जैसे ही ढक्कन खोला गया, अंदर बने अत्यधिक दबाव के कारण आग की तेज लपटें बाहर निकल आईं और वहां मौजूद मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
पुलिस ने मामले में मुख्य प्रबंधक रूपेश शर्मा और प्रबंधक दादु महाराज उर्फ प्रेमसागर त्रिपाठी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(a), 125(b), 287, 288, 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे में शिव खड़िया और मासूम इंदीवर सबसे अधिक झुलसे हैं। सभी 8 घायलों का इलाज रायगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां कुछ की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
बताया गया कि सभी मजदूर पिछले चार महीनों से प्लांट में टायर गलाकर काला तेल निकालने का काम कर रहे थे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की लापरवाही ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



