चन्द्रखुरी में भगवान राम की नई मूर्ति पर सियासी सवाल: दो साल बाद भी स्थापना नहीं, मंत्री का दावा—इसी हफ्ते होगा शुभारंभ, भुगतान विवाद से अटकी रही 51 फीट की प्रतिमा

छत्तीसगढ़ की पावनभूमि चन्द्रखुरी स्थित कौशल्या मंदिर में भगवान राम की नई मूर्ति की स्थापना को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस शासनकाल में स्थापित मूर्ति पर सवाल उठाते हुए तत्कालीन विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने घोषणा की थी कि भाजपा सरकार बनने के बाद नई और भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी। हालांकि भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद भी यह घोषणा धरातल पर नहीं उतर सकी।
शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा में यह मुद्दा गूंजा। विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि दो साल बीत जाने के बावजूद भगवान राम की नई मूर्ति अब तक स्थापित नहीं हो पाई है। इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने जवाब दिया कि इसी सप्ताह नई मूर्ति की स्थापना कर दी जाएगी।
भुगतान विवाद बना बड़ी बाधा
मामले की जड़ भुगतान से जुड़ी बताई जा रही है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में भगवान राम के वनवासी स्वरूप की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा पिछले पांच महीनों से तैयार रखी है। इस प्रतिमा का निर्माण राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने किया है। इसे चन्द्रखुरी के कौशल्या मंदिर में स्थापित किया जाना था, लेकिन मूर्ति का ऑर्डर देने वाले ठेकेदार द्वारा शेष भुगतान नहीं किए जाने के कारण योजना अटक गई।
मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा के अनुसार, ठेकेदार ने 10 लाख रुपये का एडवांस दिया था, जबकि करीब 70 लाख रुपये का भुगतान अब तक नहीं हुआ। भुगतान न होने की स्थिति में यह प्रतिमा अब मध्यप्रदेश के मुरैना जिले स्थित एति पर्वत शनि धाम में स्थापित की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छत्तीसगढ़ के ठेकेदार शेष राशि का भुगतान करते हैं, तो नई मूर्ति नए सिरे से तैयार की जाएगी।
अब सवाल यह है कि मंत्री के दावे के मुताबिक क्या इसी सप्ताह चन्द्रखुरी में भगवान राम की नई मूर्ति स्थापित हो पाएगी, या यह मामला एक बार फिर केवल घोषणा बनकर रह जाएगा।



