
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। समोदा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जा रही अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए जेसीबी से पौधों को उखाड़ना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, मामले में भाजपा नेता समेत कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद रविवार को अफीम के पौधों को नष्ट करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। उखाड़े गए सभी पौधों का नियमानुसार विनिष्टीकरण (डिस्ट्रक्शन) किया जाएगा, ताकि उनका किसी भी प्रकार से दुरुपयोग न हो सके। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और दस्तावेजीकरण भी प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है।
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान ग्राम झेंझरी पटवारी हल्का नंबर 8, तहसील व जिला दुर्ग स्थित खसरा नंबर 309 और 310 की भूमि का निरीक्षण किया गया। यह जमीन मधुमती ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार के पिता सीताराम ताम्रकार के संयुक्त नाम पर दर्ज है।
जांच में पाया गया कि करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, शक से बचने के लिए अफीम के पौधों को मक्के की फसल के बीच लगाया गया था, ताकि किसी को आसानी से इसकी जानकारी न हो सके।
इस मामले में विनायक ताम्रकार (58), विकास विश्नोई (27), मनीष ठाकुर और अचला राम जाट (28) को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।


