रायपुर से गिरौदपुरी धाम पदयात्रा: दूसरे दिन भंडारपुरी तक उमड़ा जनसैलाब, “मनखे-मनखे एक समान” के जयघोष

भंडारपुरी/रायपुर। गुरु घासीदास के संदेशों से प्रेरित विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। राजगुरु-धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब के सानिध्य में यात्रा सारागांव से शुरू होकर बंगोली, पिकरीडीह, माठ, खरोरा, बुड़ेरा, सिर्री, कनकी, पाड़ाभाट, भैंसा और भैंसमुड़ी होते हुए पावन भंडारपुरी धाम पहुँची।

हर गांव-कस्बे में सतनामी समाज सहित सर्वसमाज ने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और स्वागत मंचों से पदयात्रियों का अभिनंदन किया। पंथी दलों की प्रस्तुतियां, अखाड़ा दलों के शौर्य प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
भंडारपुरी धाम पहुंचकर गुरुगद्दी की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ दूसरे दिन की पदयात्रा का विराम हुआ। राजमाता, गुरुमाता प्रवीण माता एवं सोमेश बाबा के आशीर्वाद से श्रद्धालुओं में नया उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों ने बताया कि यह यात्रा केवल मार्ग तय करने तक सीमित नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, समानता और मानवता के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का अभियान है।

यात्रा के दौरान पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की विशेष व्यवस्था रही। सुरक्षा बल, चिकित्सा दल और एंबुलेंस सेवाएं लगातार साथ चलती रहीं, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। विधायक, विभिन्न बोर्ड-निगम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।



