भिलाई में उमड़ा आस्था का महासागर : हनुमंत कथा के समापन पर लाखों श्रद्धालुओं ने लिया बागेश्वर पीठ का आशीर्वाद

भिलाई, 30 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ के भिलाई-दुर्ग में आयोजित पांच दिवसीय दिव्य हनुमंत कथा का भव्य समापन गुरु घासी दास बाबा की आरती के साथ हुआ। जयंती स्टेडियम मैदान के पास सेवा समर्पण संस्था द्वारा आयोजित इस विराट आयोजन में अंतिम दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय हनुमंत कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “हनुमान जी कलयुग के देवता हैं। जो बजरंगबली की भक्ति करता है, उसे प्रभु श्रीराम और माता सीता — तीनों का आशीर्वाद मिलता है, क्योंकि तीनों हनुमान जी के हृदय में विराजमान हैं।”
उन्होंने भिलाई-दुर्ग को अद्भुत आध्यात्मिक नगरी बताते हुए कहा कि इन पांच दिनों में लाखों श्रद्धालुओं ने हनुमान भक्ति का महासंगम रचा। कथा के दौरान लोगों ने लाल कपड़ा और नारियल लेकर बागेश्वर पीठ में अर्जी लगाई और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं के कष्ट निवारण के लिए संकल्प भी कराए।
🟠 राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों की रही विशेष मौजूदगी
कथा समापन अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, केबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, राजेश अग्रवाल, खुशवंत साहेब, विधायक अमर अग्रवाल, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, लक्ष्मी वर्मा, पिंकी ध्रुव, शालिनी राजपूत, सरला कोसरिया सहित अनेक नेता और जनप्रतिनिधि बागेश्वर पीठ पहुंचे और पंडित धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय और आयोजन संयोजक राकेश पाण्डेय भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
🟡 “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बाबा गुरु घासी दास के “मनखे-मनखे एक समान” संदेश को दोहराते हुए कहा कि जिस तरह हनुमान जी ने श्रीराम के कार्य के लिए सभी वानरों और वनवासियों को एक किया, उसी तरह आज समाज को भी जाति-भेद और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर सनातन धर्म और मानव सेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से नशा छोड़ने, रोज हनुमान चालीसा का पाठ करने और बागेश्वर सरकार का ध्यान करने का आह्वान किया, जिससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।
भिलाई की धरती पर भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का यह विराट आयोजन प्रदेशभर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश बनकर उभरा।



