“बस्तर में माओवादियों पर NIA का बड़ा प्रहार: चार आरोपितों पर आरोप पत्र, एक फरार; अमित शाह 4 अक्टूबर को दंतेवाड़ा दौरे पर, जग्गू- कमला दंपती गिरफ्तार”

जगदलपुर। राज्य में हिंसक गतिविधियों के लिए धन उगाही में लिप्त चार माओवादियों के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) ने आरोप पत्र दायर किया है। इनमें से एक आरोपित फरार है। सभी आरोपित मूलवासी बचाओ मंच (MBM) से जुड़े हुए थे, जिसे राज्य सरकार ने अक्टूबर 2024 में छत्तीसगढ़ विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, 2005 के तहत प्रतिबंधित कर दिया था।
मई 2023 में बीजापुर पुलिस ने गजेंद्र मंडावी और लक्ष्मण कुंजाम को 6 लाख रुपये के साथ पकड़ा था। जांच में सामने आया कि ये लोग माओवादी हिंसकों के लिए धन संग्रह, संसाधन जुटाने और वितरण का काम कर रहे थे। इस रकम का उपयोग सरकार विरोधी प्रदर्शनों और विकास कार्यों में बाधा डालने में किया गया।
NIA पहले ही मंडावी और कुंजाम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। इनकी पूछताछ के बाद सुनीता पोटाम, शंकर मुचाकी और दशरथ मोदियाम को गिरफ्तार किया गया, जबकि मल्लेश कुंजाम अब भी फरार है। मंगलवार को इन चारों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया गया।
दंतेवाड़ा जाएंगे गृहमंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर की रात अहमदाबाद से रायपुर पहुंचेंगे और नवा रायपुर स्थित रिसॉर्ट में रात्रि विश्राम करेंगे।
4 अक्टूबर की सुबह वे दंतेवाड़ा पहुंचकर मां दंतेश्वरी के दर्शन करेंगे और मांझी-मुरिया पुजारियों से चर्चा करेंगे। शाह बस्तर में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान की समीक्षा भी करेंगे।
माओवादी दंपती जग्गू और कमला की गिरफ्तारी
रायपुर से गिरफ्तार माओवादी दंपती जग्गू उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला पर 13 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने 24 सितंबर को दोनों को पकड़ा।
कमला को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वहीं, रमेश को पहले तीन दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया और पूछताछ के बाद बिलासपुर स्थित NIA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 9 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
रमेश की जानकारी के आधार पर एजेंसी ने कोरबा से उसके साथी रामा किचाम को भी गिरफ्तार किया है।
👉 ये पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियां लगातार माओवादियों पर शिकंजा कस रही हैं।



