बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर

रायपुर, 12 अप्रैल 2026/ लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है।
16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा
इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों को मनरेगा से जोड़कर उन्हें स्थायी आजीविका का आधार दिया गया है।
पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 1,744 विकास कार्य कराए गए, जिससे 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए। इससे पलायन में कमी आई और शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।
आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया
372 आजीविका डबरी की स्वीकृति से ग्रामीणों को मत्स्य पालन और सब्जी उत्पादन से जोड़ने की पहल हुई है। भैरमगढ़ के बेलनार गांव में, जहां कभी लोग नक्सली दहशत के कारण पलायन कर गए थे, अब ग्रामीण वापस लौटकर आजीविका से जुड़ रहे हैं।
2977 परिवारों को मिला पक्का आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2,977 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 690 आवास पूर्ण हो चुके हैं। अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर
- दुगाली में बना कुआं 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बना
- पालनार में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण जारी
- कावड़गांव में 100% जॉब कार्ड वितरण और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता
- सावनार और पुसुकोण्टा में नए आंगनबाड़ी भवन
- धरमारम और तोड़का में उचित मूल्य दुकान
- बांगोली में अब 524 परिवारों को गांव में ही राशन सुविधा
युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता
आत्मसमर्पित नक्सलियों और स्थानीय युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास नहीं पहुंचा था, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं से नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के विस्तार से न केवल जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी, समन्वित प्रयास और संवेदनशील नीतियों के जरिए सबसे कठिन क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है, और सरकार इस बदलाव को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।



