रायगढ़ में उच्च शिक्षा को नई उड़ान: शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में पहली बार PhD शुरू, 200+ सीटें

रायगढ़, 17 फ़रवरी 2026| छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों को शोध (PhD) का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय पहली बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। लंबे समय से प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की मांग के बाद यह फैसला लिया गया है।
विश्वविद्यालय की स्थापना 2020 में हुई थी, लेकिन कोरोना काल के कारण शैक्षणिक और शोध गतिविधियां प्रभावित रहीं। अब स्थायी परिसर पूरी तरह तैयार न होने के बावजूद शोध कार्य शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
13-14 विषयों में शोध, 200 से ज्यादा सीटें
प्रारंभिक चरण में लगभग 200 से अधिक सीटों के लिए ऑनलाइन अधिसूचना जारी होगी।
- अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी
- NET/SET उत्तीर्ण उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट मिलेगी
- पहले चरण में 13-14 विषयों में शोध कराया जाएगा
विश्वविद्यालय से रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और जांजगीर-चांपा जिलों के महाविद्यालय संबद्ध हैं, जिससे चारों जिलों के छात्रों और शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कॉलेजों की रैंकिंग और करियर पर असर
कुलसचिव तरुण धर दीवान के अनुसार PhD शुरू होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को शोध पत्र प्रकाशित करने का अवसर मिलेगा।
कुलपति ललित प्रकाश पटेरिया के मार्गदर्शन में शोध निर्देशकों की सूची और अधिसूचना तैयार कर ली गई है।
इससे:
- महाविद्यालयों की NAAC रैंकिंग बेहतर होगी
- अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक भर्ती के पात्र बन सकेंगे
- विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा के अन्य पदों पर आवेदन आसान होगा
क्षेत्र में रिसर्च कल्चर को बढ़ावा
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि PhD कार्यक्रम शुरू होने से स्थानीय स्तर पर शोध संस्कृति विकसित होगी और छात्रों को बड़े शहरों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। आने वाले समय में गाइड के मार्गदर्शन में नियमित शोध कार्य और प्रकाशन भी शुरू होंगे।



