बीजापुर में नक्सल मुठभेड़: छत्तीसगढ़–तेलंगाना बॉर्डर पर फायरिंग, 3-4 नक्सलियों के मारे जाने की खबर; 30 किलो का IED डिफ्यूज

बीजापुर। छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। पामेड़ थाना क्षेत्र में सुबह करीब 7 बजे से रुक-रुक कर दोनों ओर से फायरिंग जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में 3 से 4 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, हथियारबंद नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान सर्च ऑपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान जंगल में नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। मुठभेड़ स्थल से कुछ हथियार बरामद किए जाने की भी जानकारी मिली है।
लंकापल्ली के जंगल में 30 किलो वजनी IED डिफ्यूज
इसी दौरान बीजापुर जिले के लंकापल्ली गांव के जंगल में जवानों ने 30 किलो वजनी शक्तिशाली IED को समय रहते डिफ्यूज कर दिया। यह इलाका ईलमिड़ी थाना क्षेत्र में आता है। नक्सलियों ने यहां दो IED प्लांट किए थे, जिन्हें सर्चिंग पर निकली संयुक्त टीम ने निष्क्रिय किया।
सड़क किनारे कमांड स्विच सिस्टम से लगाया गया था IED
डीआरजी बीजापुर, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 9वीं वाहिनी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने कच्ची सड़क के बीचों-बीच लगाए गए 20 से 30 किलो वजन के दो IED बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, नक्सलियों का मकसद बड़ी गाड़ियों को उड़ाना था। IED को कमांड स्विच सिस्टम से प्लांट किया गया था।
पहले भी इसी इलाके में IED ब्लास्ट, ग्रामीण घायल
कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में हुए IED ब्लास्ट में राजू मोडियम नाम का एक ग्रामीण घायल हुआ था, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 6 IED धमाके, 11 जवान घायल
गौरतलब है कि 25 जनवरी को गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले कर्रेगुट्टा पहाड़ी में एक के बाद एक 6 IED धमाके हुए थे। इस घटना में डीआरजी के 11 जवान घायल हो गए थे।
फिलहाल, बीजापुर, सुकमा और तेलंगाना से सटे सीमावर्ती इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।



