
नई दिल्ली।तमिलनाडु के कई इलाकों में बड़ी संख्या में कौवों की मौत के मामले सामने आने के बाद राज्य में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) की आशंका गहरा गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
बढ़ते बायोसिक्योरिटी खतरे को ध्यान में रखते हुए, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इसमें राज्य भर के पोल्ट्री किसानों, पशु चिकित्सा कर्मियों और जंगली पक्षियों को संभालने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त एहतियाती उपाय अनिवार्य किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. सोमासुंदरम ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा निदेशालय (DPH) ने भी एक अलग संचार जारी किया है। इसमें आम जनता से सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एवियन फ्लू को लेकर जारी सर्कुलर के आधार पर तमिलनाडु में यह एडवाइजरी लागू की गई है।
सावधानी बरतने की अपील
DPH ने लोगों को सलाह दी है कि अगर किसी को
- खांसी
- जुकाम
- बुखार
- सांस लेने में कठिनाई
जैसे फ्लू के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
खासतौर पर बूचड़खानों में काम करने वाले, पोल्ट्री कर्मी और बीमार या मृत पक्षियों को संभालने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
निगरानी तेज
पशुपालन विभाग ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि
- कौवों
- प्रवासी पक्षियों
- व्यावसायिक पोल्ट्री फार्मों
में किसी भी असामान्य बीमारी या अचानक मौत की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाए और तुरंत रिपोर्ट की जाए।
पोस्टमॉर्टम पर सख्त रोक
सूत्रों के अनुसार, नए प्रोटोकॉल के तहत मृत पक्षियों का पोस्टमॉर्टम करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके बजाय, सभी मृत पक्षियों के नमूनों को नामित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संक्रमण की सही पहचान और रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
शवों के निपटान के निर्देश
संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि
- मृत पक्षियों को जलाया जाए
- या गहरे गड्ढे में दफनाया जाए
ताकि सफाईकर्मियों या आम लोगों के माध्यम से वायरस के प्रसार की आशंका न रहे।
जनता से अपील
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी असामान्य पक्षी मौत दिखाई दे, तो उसकी जानकारी तुरंत पशुपालन विभाग को दें।
इसका उद्देश्य मनुष्यों में संक्रमण फैलने (जूनोटिक स्पिलओवर) की संभावना को समय रहते रोकना है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)



