उच्च शिक्षा में बड़ी सर्जरी : मंत्री टंकराम वर्मा का कड़ा आदेश— बायोमेट्रिक अनिवार्य, लेक्चर रिकॉर्ड होंगे, प्राचार्य रोज़ कैंपस में— 2026 तक पूरी होगी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

उच्च शिक्षा में बड़े सुधार की तैयारी : मंत्री टंकराम वर्मा बोले— “गुणवत्ता युक्त शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
रायपुर, 28 नवम्बर 2025। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्च शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त संतोष देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री वर्मा ने बैठक की शुरुआत में कहा कि राज्य में गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभाग को अधिक सक्रियता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
🔹 ई-क्लासरूम, स्टूडियो निर्माण और डिजिटल संसाधनों पर फोकस
बैठक में सभी विश्वविद्यालयों और संभाग के एक-एक महाविद्यालय में स्टूडियो निर्माण, ई-क्लासरूम डेवलपमेंट और डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ करने पर गहन चर्चा हुई।
प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे सभी प्राध्यापकों से विषयवार व्याख्यान तैयार करवाकर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएँ, ताकि शिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
🔹 बायोमेट्रिक अनिवार्य, समयपालन पर सख्ती
सभी महाविद्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी।
समय पर उपस्थित न होने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्राचार्य प्रतिदिन सुबह 10:30 से शाम 5:30 बजे तक अनिवार्य रूप से कैंपस में उपस्थित रहें और कक्षाओं का निरीक्षण गंभीरता से करें।
🔹 एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
- एनईपी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार को गति देने
- अतिथि व्याख्याताओं को प्रशिक्षण देने
- भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में शामिल करने
के निर्देश दिए गए।
शैक्षणिक गतिविधियों में लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
🔹 न्यायालयीन मामलों में देरी पर नाराजगी
मंत्री वर्मा ने न्यायालयीन मामलों में देरी पर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
🔹 वरिष्ठता सूची, डीपीसी और नियुक्तियों पर बड़े निर्देश
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता व समयबद्धता पर जोर दिया।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय—
- प्राचार्यों की वरिष्ठता सूची एक सप्ताह में जारी
- 2024 की रिव्यू डीपीसी पूरी कर 24 दिसंबर 2025 तक प्राचार्य पद पर पदोन्नति
- परीवीक्षा पूर्ण कर चुके सहायक प्राध्यापकों के आदेश 15 कार्य दिवस में जारी
- “न मांग, न जांच” नियुक्ति आदेश 7 दिनों में जारी
- पीएचडी अनुमति प्रकरण 15 दिनों में समाधान
- वरिष्ठ एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान जनवरी के प्रथम सप्ताह में जारी
🔹 ज्ञानअर्जन पोर्टल और EHRMS लागू करने की तैयारी
- विश्वविद्यालयों में ज्ञानअर्जन पोर्टल लागू करने के निर्देश
- इसके लिए एक टास्क फोर्स गठित होगी
- EHRMS के तहत समस्त प्राध्यापकों, ग्रंथपालों, क्रीड़ाअधिकारियों का डेटा जनवरी 2026 तक ऑनलाइन किया जाएगा



