
रायपुर, 16 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सख़्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर धान खरीदी और भंडारण में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में बेमेतरा जिले के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान भंडारित किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने 31 दिसंबर 2025 को भौतिक सत्यापन किया, जिसमें भंडारित धान की स्टैकिंग और ऑनलाइन स्टॉक में गंभीर अंतर पाया गया।
जांच में मोटा 4,209.19 क्विंटल और सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस पर जिला विपणन अधिकारी ने संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक और क्षेत्र सहायक को 14 जनवरी 2026 से सभी प्रभारों से मुक्त करते हुए निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई।
संगठनात्मक निरंतरता बनाए रखने के लिए हेमंत कुमार देवांगन को धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा और बेमेतरा भंडारण केन्द्र का प्रभारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर धान की अनियमितता करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, जबकि किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखना प्राथमिकता है।



