रतनपुर में कल्चुरी समाज सम्मेलन : CM विष्णु देव साय बोले — “मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ बढ़ रहा आगे”, रतनपुर को मिला 100 बिस्तर अस्पताल और 1 करोड़ का सामुदायिक भवन तोहफ़े में

रायपुर, 9 नवम्बर 2025: बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक रतनपुर में आज आस्था, परंपरा और विकास का संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए और भगवान सहस्रबाहु तथा बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रतनपुर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना और 1 करोड़ रुपए की लागत से कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही बताया कि केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत रतनपुर के समग्र विकास के लिए 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी मंजूरी जल्द मिलने की संभावना है।
साय ने कहा कि “कल्चुरी राजवंश ने लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न हिस्सों में शासन किया, जिनके शासनकाल में जनता खुशहाल और देश समृद्ध था। आज वही परंपरा छत्तीसगढ़ में मां महामाया की कृपा से आगे बढ़ रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रही है। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादे 22 माह में ही पूरे हो चुके हैं। किसान अब 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान बेच रहे हैं और महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है।”


साय ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जाए। इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है और बस्तर के कई गाँव अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
उन्होंने आगे बताया कि नई औद्योगिक नीति को देशभर में सराहना मिली है और अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इसमें AI और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना शुरू हो चुकी है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का विजन डॉक्यूमेंट-2047 प्रदेश के भविष्य की रूपरेखा है और इसके लक्ष्यों की प्राप्ति में समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। उन्होंने कहा कि “रतनपुर कल्चुरी शासन का गौरवशाली केंद्र रहा है। कल्चुरियों ने तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएँ बनवाकर जनहित के कार्य किए थे, जिन पर आज की सरकार उसी समर्पण के साथ काम कर रही है।” उन्होंने नवा रायपुर में भगवान सहस्रबाहु के नाम पर चौक का नामकरण करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “भारत की सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान श्रद्धा रखती है।”
इस अवसर पर विधानसभा सदस्य धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, महापौर पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा, और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और आरती कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।



